गोपालगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के गांव घाटमिका निवासी जुनैद और नासिर इस हत्याकांड से पहले अपनी ससुराल उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के गांव भोरूवास से बोलेरो से घर लौट रहे थे। उनकी मुखबिरी किस व्यक्ति ने की। इसका पता लगाने के लिए पुलिस मृतकों की ससुराल से भी संपर्क साध रही है, ताकि वहां से मिली जानकारी के जरिये आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
सीआईए की भूमिका पर भी उठे सवाल
दोहरे हत्याकांड में मेवात जिले की सीआईए की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। उनकी इस मामले में क्या भूमिका रही है इस पहलू को भी जांचा जा रहा है। हालांकि सीआईए की तरफ से पहले ही इस मामले में कोई हाथ नहीं होने की बात कही जा रही है। मगर, पुलिस के हाथ लगे तथ्य इस हत्याकांड में उनकी किसी भूमिका को उजागर करते हैं, तो फिर मामला और भी गंभीर हो जाएगा।
मृतक नासिर और जुनैद दोनों ही शादीशुदा थे। उनके परिवार या फिर ससुराल में किसी से कोई रंजिश तो नहीं थी इस पहलू की भी जांच चल रही है। हालांकि अभी तक पुलिस ने भी इस बारे में कोई खुलासा नहीं किया है।
तीन चिकित्सकों की टीम ने मौके पर किया पोस्टमार्टम, सैंपल पीजीआई भेजे
गांव बारवास की बणी में आरोपियों ने बोलेरो को आग लगाकर नासिर और जुनैद को जिंदा जला डाला गया था। उनके सिर्फ कंकाल ही बचे हुए मिले थे। लोहारू सीएचसी के एसएमओ डॉ. गौरव ने बताया कि डॉ. संदीप, डॉ. सचिन और डॉ. विकास की तीन सदस्यीय टीम ने वारदात स्थल पर ही दोनों शवों का पोस्टमार्टम कर आवश्यक सैंपल लिए। सैंपल को जांच के लिए रोहतक पीजीआई भेज दिया है।