हरियाणा के भिवानी शहर के बीचोबीच स्थित बैप्टिस्ट चर्च की करोड़ों की विवादित भूमि को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेचने की कोशिश के मामले में तहसीलदार सहित आठ लोगों के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपियों ने तहसील कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा कर करीब सौ करोड़ की विवादित भूमि का करीब पौने दो करोड़ में सौदा तय कर डाला। बैनामा के दस्तावेजों पर संदेह होने पर नायब तहसीलदार ने रजिस्ट्री से इंकार कर डाला।
यह भी पढ़ें :
बैप्टिस्ट चर्च की भिवानी शहर में काफी संपत्ति है, जिसे बेचने का किसी को कोई अधिकार नहीं है। साइमन जोसवा ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि कुछ जालसाज लोग फर्जी दस्तावेज के आधार पर तहसील कार्यालय के कर्मचारियों व अधिकारियों से मिलीभगत कर चर्च की संपत्ति को बिना किसी हक व अधिकार के बेचने पर तुले हैं।
विवादित भूमि का पांच सितंबर को भिवानी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री किसी व्यक्ति के नाम किए जाने का भी प्रयास किया गया। हालांकि ऐन वक्त पर तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार को शिकायत देकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया। इसके बाद नायब तहसीलदार आलमवीर ने रजिस्ट्री पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ धोखाधड़ी का केस
बैप्टिस्ट चर्च के सचिव साइमन जोसवा की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस थाना में बैप्टिस्ट चर्च की विवादित भूमि बिक्री के लिए बैनामा तैयार करा रजिस्ट्री कराने के प्रयास मामले में विक्रेता सतीश जॉर्ज, खरीदार जगजीत मलिक निवासी पुट्ठी, राजेश निवासी धामड़, गवाह ओमबीर नंबरदार, गवाह राजेश, रजिस्ट्री क्लर्क विकास, कंप्यूटर डीड रायडर व भिवानी तहसीलदार के खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है। इस पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने भी से जांच की थी। इसमें भी तहसील कार्यालय की मिलीभगत उजागर हो गई। इसे अमर उजाला ने छह सितंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। संवाद
बैप्टिस्ट चर्च की विवादित भूमि मामले की शिकायत हमारे पास आई थी। इसकी आर्थिक अपराध शाखा के माध्यम से पूरे प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में तहसील कार्यालय की मिलीभगत उजागर हुई है। इस मामले में सिविल लाइन पुलिस थाना में भिवानी तहसीलदार सहित आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस सिविल लाइन थाने में दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की तहकीकात में लगी है। - अजीत सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक भिवानी।