राजस्थान के भरतपुर जिले के घाटमिका गांव निवासी नासिर और जुनैद का अपहरण और हत्या के मुख्य आरोपी मोनू राणा और गोगी को लेकर राजस्थान पुलिस मंगलवार दोपहर बाद हरियाणा के भिवानी पहुंची। पुलिस ने गोगी के ठिकानों और मोनू राणा की निशानदेही पर कई जगहों पर साथ लेकर छापामारा। इस दौरान राजस्थान पुलिस की करीब दस से 12 गाड़ियों का काफिलों में भारी सुरक्षा बल मौजूद रहा।
राजस्थान पुलिस ने हत्याकांड को अंजाम देने में वारदात स्थल का भी राजस्थान पुलिस ने मुआयना कर निशानदेही कराई। इस हत्याकांड में किन लोगों की और भूमिका है यह भी पुलिस खंगाल रही है। दोनों ही राजस्थान पुलिस के दस-दस हजार के इनामी उद्घोषित आरोपी थे।
भरतपुर जिले के घाटमीका गांव निवासी नासिर और जुनैद के अपहरण की शिकायत 15 फरवरी को गोपालगढ़ पुलिस थाना में दर्ज हुई थी। 16 फरवरी की सुबह लोहारू के गांव बारवास की बणी में जली हुई बोलेरो गाड़ी के अंदर पुलिस को दो कंकाल बरामद हुए थे। गाड़ी के चेसिस नंबर से ही दोनों शवों की पहचान नासिर और जुनैद के रूप में हुई थी।
जिसके बाद दोनों के अपहरण, मारपीट और शवों को जलाने में हत्याकांड का खुलासा हुआ और आठ नामजदों की भूमिका भी उजागर हुई थी। इसी में दो मुख्य आरोपी मोनू राणा और गोगी भिवानी जिले से हैं। इन दोनों को हत्याकांड के दो माह बाद 14 अप्रैल को राजस्थान पुलिस ने उत्तराखंड के देहरादून में सुनसान पहाड़ी क्षेत्र से काबू किया था। जिसके बाद दोनों ही राजस्थान के भरतपुर पुलिस थाना की टीम के पास दस दिन के रिमांड पर हैं।
रिमांड के दौरान दोनों को साथ लेकर राजस्थान पुलिस जोड़ रही है कड़ी से कड़ी के तार
मोनू राणा और गोगी राजस्थान पुलिस के पास दस दिन के रिमांड पर चल रहे हैं। इस दौरान राजस्थान पुलिस दोनों से वारदात से जुड़ी अधिक से अधिक जानकारी जुटाने में लगी है वहीं एक कड़ी से दूसरी कड़ी के तार जोड़ने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद गोगी और मोनू कहां-कहां किन लोगों के पास ठहरे और किन-किन लोगों से मदद ली, इसकी भी तहकीकात हो रही है। इसी लिए राजस्थान पुलिस मंगलवार को भिवानी और गांव दिनोद में भी छानबीन के लिए पहुंची।
कड़े सुरक्षा घेरे में रहे मोनू और गोगी
राजस्थान पुलिस की भिवानी आने की भनक किसी को नहीं लगने दी गई। वहीं राजस्थान पुलिस के 50 से अधिक सुरक्षा कर्मी दोनों को सुरक्षा घेरे में लिए हुए थे। करीब दस से 12 गाड़ियों का काफिला भी राजस्थान पुलिस का भिवानी पहुंचा। हालांकि पुलिस के आला अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई थी। टीम बीटीएम पुलिस चौकी में भी पहुंची, जहां गोगी से जुड़े पुराने मामलों की भी जानकारी जुटाई गई। छानबीन के बाद राजस्थान पुलिस शाम को वापस लौट गई।
नासिर और जुनैद हत्याकांड के मुख्य आरोपियों को लेकर राजस्थान पुलिस भिवानी में निशानदेही के लिए आई थी। नासिर और जुनैद की हत्या को अंजाम देने वाले दोनों ही आरोपियों से राजस्थान पुलिस ने कई जगह निशानदेही कराई है, किस तरह से हत्याकांड को अंजाम दिया गया था, इसका भी सीन रिक्रिएट कराया गया है। शुरुआत से ही भिवानी पुलिस राजस्थान पुलिस का पूरा सहयोग कर रही है।
-नरेंद्र बिजारनिया, पुलिस अधीक्षक भिवानी।