भिवानी में जिला राजस्व अधिकारी के जाली हस्ताक्षर और फर्जी दस्तावेज का प्रयोग करके भूमि अधिग्रहण मुआवजा वितरण के नाम पर 52 लाख रुपये की सरकारी राशि के गबन करने का मामला सामने आया है। गबन करने का आरोप कॉन्ट्रेक्ट (एचकेआरएन) पर लगे पटवारी पर लगा है। इस संबंध में जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार ने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन पुलिस थाना में आरोपी पटवारी को नामजद करके धोखाधड़ी व अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अपनी आगामी कार्यवाही में जुट गई है।
पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार
पुलिस थाना में दर्ज शिकायत में जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार ने बताया कि उनके पास भूमि अधिग्रहण, भवन एवं मार्ग निर्माण का भी अतिरिक्त प्रभार है। जुलाई माह में लिपिकों की हड़ताल जारी थी। तत्काल समय में एचकेआरएन के तहत लगे पटवारी पवन कुछ बिल उनके पास हस्ताक्षर करवाने के लिए लेकर आया था। लेकिन तब उन्होंने बिल से संबंधित रिकॉर्ड रखने वाले नायब तहसीलदार और कानूनगो के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण, बिल को अपने हस्ताक्षर किए बिना वापस भेज दिया।
इसके बाद गत 31 अगस्त को कानूनगो मनाेज कुछ बिल के संबंध में उनके पास आया। उस दौरान कानूनगों मनोज से पवन द्वारा लाखों रुपये के मनाए गए बिल के बारे में पूछताछ की। जिससे उन्हें पता चलता है कि कानूनगों के द्वारा ऐसा कोई बिल नहीं बनाया गया। गबन का शक होने पर राजस्व अधिकारी ने कंप्यूटर ऑपरेटर सुनील से पूछताछ की। पूछताछ में कंप्यूटर ऑपरेटर सुनील ने बताया कि नायब तहसीलदार के आदेश पर उसने पटवारी पवन के द्वारा लाया गया 52 लाख रुपये का बिल बनाया था। पवन उसको फिजिलकी कोई बिल के दस्तावेज नहीं दिए।
पांच बैंक अकाउंटों में किए गए रुपये ट्रांसफर
विभागीय जांच में पता चला कि पटवारी पवन के द्वारा बनाए गए बिल के रुपये कितलाना निवासी व्यक्ति और महिलाओं के खाते में ट्रांसफर किए थे। कितलाना निवासी नरेंद्र के खाता में 3.90 लाख रुपये, पिंकी के खाता में 28 लाख 35 हजार रुपये, सुमन के खाते में 4.95 लाख रुपये, टिंकू के खाते में 4.90 लाख रुपये और विकास के खाते में 4.90 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर की गई थी। जब राजस्व अधिकारी ने पत्राचार के माध्यम से इनके बैंकों के खाते चैक करवाए गए तो इनके खाते नील मिले। वहीं, राजस्व अधिकारियों को पता चला कि नरेंद्र ने पटवारी पवन की पत्नी लक्ष्मी के खाते में लाखाें रुपये ट्रांसफर करवाएं है। लक्ष्मी का बैंक खाता चैक करने पर 8.13 लाख रुपये मिले। पत्राचार के माध्यम से फिलहाल लक्ष्मी का खाता भी सीज करवाया गया है।
ईपीएस की प्रति मिलने पर पता चला जाली हस्ताक्षर का
जब राजस्व अधिकारी राजकुमार ने कानूनगो मनोज से कितलाना निवासी व्यक्ति और महिला के बिल रिकाॅर्ड के बारे में पूछा तो सामने आया कि इस संबंध उनके पास कोई रिकाॅर्ड नहीं है। जबकि ऑनलाइन चैक करने पर इन व्यक्तियों का बिल प्रदर्शित हो रहा है। संदेश होने पर राजस्व अधिकारी राजकुमार ने ईपीएस की प्रति मंगवाई गई। जिसमें पता चला कि लेनदेने में उनके जाली हस्ताक्षर किए गए हैं। इस संबंध में राजस्व अधिकारी राजकुमार ने पुलिस को शिकायत देकर पटवारी पवन और इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिकायत दी है।
जिला राजस्व अधिकारी के अनुसार
मेरे पास पटवारी पवन बिल पर हस्ताक्षर करवाने के लिए आया था। मैंने पूरे दस्तावेज नहीं होने के कारण हस्ताक्षर नहीं किए। बाद में मुझे पता चला कि पटवारी पवन ने लाखों रुपये का गबन किया। इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी है।
-राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी, भिवानी।
जांच अधिकारी के अनुसार
राजस्व अधिकारी ने एक गबन से संबंधित शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर आरोपी पटवारी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अपनी आगामी कार्यवाही में लग गई है। जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएंगी।
-निरीक्षक बलदेव सिंह, प्रभारी, सिविल लाइन पुलिस थाना, भिवानी।