फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फाइनेंसरों ने रात को धमकाया, सुबह फंदा लगाकर जान दी

Wed, 04 Nov 2015 01:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
विज्ञापन
विज्ञापन
भिवानी। फाइनेंसरों की ज्यादतियों से तंग आकर एक प्रॉपर्टी डीलर ने फंदा लगा कर खुदकुशी कर ली। जेब से मिले सुसाइड नोट में फाइनेंसरों पर अनाप-शनाप ब्याज वसूलने व पेनल्टी वसूलने के लिए धमकाने का आरोप लगाया। गुस्साए परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए घंटाघर चौक पर एक घंटे तक जाम लगाया और शव लेने से इनकार किया। बाद में डीएसपी ने परिजनों को जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। परिजनों ने चेतावनी दी कि चार दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो फिर से जाम लगाया जाएगा। परिजनों ने आरोप लगाया कि फाइनेंसर व उसके साथी हर रोज बंदूक दिखाकर रुपये देने के लिए डराते थे।
विज्ञापन

दिनोद गेट के पास जैन गली वासी प्रॉपर्टी डीलर ईश्वर चंद(55 वर्ष) का शव मंगलवार सुबह घर के सामने गोदाम की छत के हुक से लटकता मिला। लगभग दो घंटे की जद्दोजहद के बाद शव को उतारा गया। जांच के दौरान मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला। इसी बीच डीएसपी अशोक बख्शी भी मौके पर पहुंचे और मुआयना किया। सुसाइड नोट में कुछ फाइनेंसरों पर तंग करने का आरोप लगाया। मना करने के बाद भी बेटों के नाम फाइनेंस पर रुपये देने, मनमाफिक ब्याज वसूलने और साथ ही पेनल्टी लगाने का भी आरोप लगाया। परिजनों ने आरोप लगाया कि रात को भी फाइनेंसर अपने साथियों के साथ घर आया और बंदूक दिखाकर मकान उसके नाम कराने के लिए डराया। कुछ खाली कागजात पर भी साइन कराने के लिए मजबूर किया।
पुलिस जांच के बाद शव को उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल लेकर पहुंची। मृतक की पत्नी प्रवीण नागपाल की शिकायत पर छह के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों का सौंपने लगे तो परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। परिजनों ने कहा कि पहले आरोपियों को गिरफ्तार करो, नहीं तो न शव लेंगे और रोड जाम करेंगे। इसके लिए पुलिस को चार बजे तक का अल्टीमेटम दिया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर मृतक के परिजनों व अन्य ने शाम करीब साढ़े चार बजे घंटाघर चौक पर सभी चारों मार्गों को जाम कर दिया। परिजन सड़क के बीच बैठ गए, तो महिलाएं सड़क के बीच ही लेट गई। शहर थाना प्रभारी संजय बिश्नोई ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। बाद में डीएसपी अशोक बख्शी मौके पर पहुंचे और परिजनों को आश्वासन दिया कि जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि चार दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो फिर से मार्ग जाम किया जाएगा। शाम करीब साढ़े पांच बजे जाम खोला गया। इस दौरान भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
विज्ञापन

सब कुछ ले लिया, बर्बाद कर दिया, कार्रवाई करो साहब
मृतक की पत्नी प्रवीण नागपाल ने डीएसपी के समक्ष रोते हुए बताया कि फाइनेंसरों ने उनका सब कुछ ले लिया। उन्हें बर्बाद कर दिया। उन पर कड़ी कार्रवाई करो। महिला ने बताया कि फाइनेंसर व उसके साथी हर रोज पिस्तौल दिखाकर उसके पति व तीनों बेटों को उठाकर ले जाने, जान से मारने की धमकी दे रहे थे। रात को भी धमकी दी। उनसे कोरे कागज, ब्लैंक चेक पर साइन करा लिये। उनकी ज्वैलरी भी ले गए। अब उनके मकान की रजिस्ट्री उनके नाम करवाने के लिए डरा रहे थे।
मुझे मरने पर मजबूर किया है
सुसाइड नोट में ईश्वर चंद ने बताया कि लखन उसके बेटे से लेन-देन करता था। उसे मना किया। पहले भी मकान बेचकर दो लाख रुपये चुकाए और उस समय कहा था कि आगे लेन देन न करना। फिर भी लेन-देन किया। जब उस बुलाकर कहा तो पिस्तौल उसकी कनपटी पर रखकर कहा कि मकान मेरे नाम लिखवा दे। जरूरत पड़ने पर उसने मेरी पत्नी को एक लाख रुपये 10 रुपये  सैकड़ा ब्याज पर दिए और गलत कागजात तैयार करा लिये, जिसमें उसके मकान की कीमत 28 लाख रूपये दिखाई। साथ ही यह भी लिखा था कि इसमें से 20 लाख दे दिए। जब उसे कहा कि यह तो गलत है तो पिस्तौल सिर पर रखकर डराया। 10 रुपये सैकड़ा ब्याज और लाखों रुपये की पेनल्टी लगा दी। सुसाइड नोट में बताया कि उसे दो से रुपये लेने है। एक से एक लाख 60 हजार और दूसरे से 78 हजार। उन्होंने भी रुपये नहीं दिए। अगर वे रुपये दे देते, तो मैं मरने की डगर पर नहीं आता।
वर्जन::::
मृतक व्यक्ति ईश्वर सिंह की पत्नी की शिकायत पर छह लोग लखन, उसके एक साथी, सिद्धार्थ, राजू, अमित व संदीप के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन

अशोक बख्शी, डीएसपी, हेड क्वार्टर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें