भिवानी के किरावड़ गांव के माइनर में फरवरी माह में मृत मिले साधु की हत्या गांव के ही चाचा-भतीजा ने अवैध संबंधों के शक में की थी। लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या की गई और फिर शव माइनर में फेंक दिया। सीआईए पुलिस ने आरोपी चाचा-भतीजा को काबू कर लिया है।
फरवरी माह में किरावड़ गांव की माइनर में एक 55 वर्षीय साधु का शव पाया गया था। साधु के नाक, कान से खून बह रहा था और शरीर पर चोट के निशान थे। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। उसके बाद से ही हत्या आरोपियों की तलाश में जुटी थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि गंाव के ही एक व्यक्ति के घर साधु का आना-जाना था। जिसके बाद पुलिस ने जांच की तो पुलिस आरोपी चाचा-भतीजा तक पहुंच गई। पुलिस ने मामले में किरावड़ वासी दलशेर सिंह व उसके भतीजे विनोद कुमार को काबू किया है। पुलिस जांच में दोनों ने बताया कि उन्हें शक था कि साधु के उनके परिवार की एक महिला के साथ अवैध संबंध थे। इसी शक में साधु को अनेक बार समझाया भी कि उनके घर के आसपास न आए। मगर वह नहीं माना। जिसके बाद दलशेर सिंह ने हत्या की योजना बनाई और फरवरी की एक रात को साधु पर लाठी-डंडों से हमला कर हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए शव को माइनर में फेंक दिया। सीआईए प्रभारी एसआई रवींद्र कुमार ने बताया कि आरोपी चाचा दलशेर सिंह व भतीजे विनोद ने साधु की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या की है। मामले का खुलासा करने वाली टसीआईए टीम में इंचार्ज रवींद्र कुमार के अलावा एएसआई उग्रसैन, हेड कांस्टेबल प्रवीण, संदीप, संदीप, सिपाही सोनू शामिल रहे।
साधु की नहीं हुई पहचान
मृतक साधु कौन है, कहां का है, उसका क्या नाम या पहचान है। इसका अभी कुछ पता नहीं लग पाया है। पुलिस ने गांव में राजस्थान में साधु की पहचान जुटाने का प्रयास किया मगर कामयाबी नहीं मिल पाई। ग्रामीणों से इतना ही पता लगा कि साधु घूमता रहता था। अक्सर गांव में आता-जाता था।