बेटी बचाओ अभियान के तमाम दावे फेल साबित हो रहे हैं। सीएचसी के गेट पर स्थित गरिमा अल्ट्रासाउंड सेंटर में भ्रूण लिंग परीक्षण की जांच करने का खुलासा हुआ। हरियाणा के सोनीपत से पीसीपीएनडीटी टीम ने छापा मारा। आशा कार्यकत्री समेत दो एजेंट एक महिला की जांच कराने के लिए सेंटर में पहुंची थी। आशा के बैग से साढे़ 14 हजार रुपये बरामद हुए, जबकि 500 रुपये जमा कर अल्ट्रासाउंड कराया था। टीम ने सेंटर सील कर दिया और पूरी रिपोर्ट डीएम बागपत को सौंप दी।
सोनीपत के सिविल सर्जन को जानकारी मिली क्षेत्र की कई महिलाएं गिरोह बनाकर सोनीपत से बागपत लेकर जाकर भ्रूण लिंग की पहचान कराती है। रंगे हाथ धरपकड़ के लिए पीसीपीएनडी टीम ने एक डमी गर्भवती महिला को तैयार किया। ग्राहक बनाई गई महिला को नोटों के नंबरों की लिस्टिंग कर 15 हजार रुपये दिए गए। बुधवार को पीसीपीएनटी एक्ट की टीम के इंचार्ज डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. आदर्श शर्मा, एसएमओ डॉ. अनविता कौशिक के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने एसडीएम बागपत मनोज कुमार के साथ गरिमा अल्ट्रासाउंड सेंटर में छापा मारा।
टीम के सदस्यों सोनीपत के नांगल कलां गांव की महिला का भ्रूण लिंग परीक्षण करते हुए डॉ. अशोक कुमार, एजेंट के रूप में कार्य कर रही आशा महेश और 12वीं की छात्रा रीतू को पकड़ लिया। टीम ने सेंटर के दस्तावेज कब्जे में ले लिए। टीम लीडर डॉ. आदर्श शर्मा ने बताया एजेंट महेश से साढे़ चौदह हजार रुपये बरामद किए हैं, पांच सौ रुपये की पर्ची कटवाई गई थी। डॉक्टर ने भ्रूण लिंग की पहचान कर महिला को कोड वर्ड में ठीक है कहा था, जिसका मतलब लड़का होता है।
इन नोटों की लिस्टिंग कर सिविल सर्जन सोनीपत ने डमी गर्भवती महिला को दिए थे। जांच में वही नोट आशा कार्यकत्री और अल्ट्रासाउंड सेंटर के काउंटर से पकड़े गए। मामले की रिपोर्ट तैयार कर डीएम ह्दय शंकर तिवारी को सौंप दी। हालांकि सेंटर संचालक सतेंद्र चौहान का कहना है कि उन्हें फंसाया गया है।
इनके खिलाफ हुई कार्रवाई
सतेंद्र चौहान : जवाहर नगर गौरीपुर निवासी सतेंद्र चौहान, गरिमा अल्ट्रासाउंड सेंटर बागपत का संचालक हैं।
डॉक्टर अशोक कुमार : लोनी की शिव विहार कॉलोनी निवासी हैं। पिछले ढाई साल से सेंटर में अल्ट्रासाउंड करते थे।
एजेंट महेश देवी : सोनीपत के एक प्रसिद्ध स्कूल के कैंपस में रहती है। उसके पति जितेंद्र स्कूल के डायरेक्टर की गाड़ी चलते हैं। वह मूलरूप से बागपत के सरूरपुर कलां गांव की रहने वाली है। बागपत में आशा के पद पर तैनात है। शहर के एक इंस्टीट्यूट से एएनएम का कोर्स कर रही है।
एजेंट छात्रा : सोनीपत के मुरथल गांव निवासी रोहतक के एक स्कूल में कक्षा12वीं में पढ़ती है।
सोनीपत से ही पीछे लग गई थी टीम ः महिला एजेंट की लगातार शिकायत पर बुधवार को टीम सोनीपत से ही उनके पीछे लग गई थी। भ्रूण लिंग परीक्षण कराने के नाम पर महिला से जो रुपये बरामद हुए हैं। उनके नंबर टीम के पास पहले से ही मौजूद थे।
सेंटर में उन नंबरों की पहचान कराई गई।
अल्ट्रासाउंड कराने के नियम
बागपत। स्वास्थ्य विभाग में पीसीपीएनडीटी एक्ट के नोडल अधिकारी एवं बागपत सीएचसी अधीक्षक डाक्टर प्रमोद कुमार ने बताया अल्ट्रासाउंड कराने के लिए चिकित्सक का पर्चा होना चाहिए। अल्ट्रासाउंड करने वालों की आईडी होनी जरूरी है। टीम में फिजीशियन, रेडियोलोजिस्ट, एनजीओ सदस्य और जिला सूचना अधिकारी शामिल होते हैं।
जिलेे में हैं 29 अल्ट्रासाउंड सेंटर
डॉ प्रमोद कुमार ने बताया जिले में 29 अल्ट्रासाउंड सेंटर हैं। बड़ौत में सबसे ज्यादा 16 सेंटर है। बागपत में चार, खेकड़ा में तीन, बालैनी में दो, छपरौली, बिनौली, अमीनगर सराय में एक-एक सेंटर है।
क्या बोला सेंटर संचालक
अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक सतेंद्र चौहान का कहना है कि उनके यहां सिर्फ पांच सौ रुपये अल्ट्रासाउंड की फीस ली गई थी। जो साढे़ 14 हजार रुपये बरामद हुए हैं, वह हरियाणा की महिला के बैग से ही हुए हैं। उनके खिलाफ साजिश की गई है।