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होशियारी पड़ी महंगी, मुखबिरों को फंसाने के चक्कर में खुद फंस गए बदमाश

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भिवानी। छह मार गिरोह की होशियारी उन्हीं को भारी पड़ी गई। पुलिस को गुमराह करने और अपने दुश्मनों को फंसाने के फेर घटनास्थल पर छोड़ गए मोबाइल में जिन मुखबिरों और दुश्मनों की फोटो होती थी। यहीं फोटो उन पर शिकंजा कसने का सबब बनी। पुलिस ने मुखबिरों से दुश्मनी रखने वालों की कड़ी से कड़ी जोड़कर छह मार गिरोह को उनके सरगना के साथ सोनीपत से दबोचा लिया। फरार अन्य साथियों की तलाश में पुलिस की टीम छापेमारी में जुटी है।
महम रोड स्थित बंदरों वाले जोहड़ के पास बने हनुमान धाम में चार नवंबर की रात को महंत सोमवार गिरी की हत्या और चार अन्य संत और सेवकों से मारपीट कर लूटपाट करने, बाबा खेड़ा वाला मंदिर नौरंगाबाद में 12 अक्तूबर की रात महंत और अन्य को बंधक बनाकर ढाई लाख की लूट मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। बदमाशों ने कोंट रोड पर किसान पर गोली चलाने की बात भी कबूली है। पकड़े गए सभी बदमाश झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले है और सभी अनपढ़ है। जिनकी उम्र 20 से 30 वर्ष है। बदमाशों ने पुलिस को गुमराह करने और मुखबिरों को फंसाने के लिए घटनास्थल पर मोबाइल छोड़ देते थे, जिनमें मुखबिरों के फोटो होते थे। पुलिस ने मोबाइल में मिली मुखबिरों और अन्य की फोटो की तह तक जाने की कोशिश की तो परत दर परत खुलने लगी। पुलिस की माने तो कई जिलों के मुखबिरों से उनसे रंजिश रखने को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जिसके बाद गिरोह तक पुलिस पहुंच सकी।
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कोई मरे या घायल हो, लूटपाट होती मुख्य लक्ष्य
डकैती के दौरान सो रहे लोग उठते तो बदमाश लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर देते। इसमें चोट कितनी लगती यह नहीं देखते। चाहे कोई मरे या घायल हो। इन बदमाशों का मुख्य लक्ष्य लूटपाट ही होती थी।
डेरे, मंदिर और खेतों में बने घरों को बनाते थे निशाना
जांच में सामने आया कि गैंग के सभी सदस्य पहले किसी जिले के शहर के बाहरी क्षेत्रों में बने बड़े मंदिरों, डेरों और धामों की रेकी करते। खेतों में बने घर भी इनके निशाने पर रहते। यहां वारदात को अंजाम देने के बाद रातों रात ही वो जिला छोड़ देते। निशाना शहर से बाहर के क्षेत्रों को ही बनाते ताकि पुलिस के आने से पहले आसानी से फुर्र हो सके।
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बदमाश शातिर थे और मुखबिरों को फंसाने के लिए फोन में उनके फोटो मौके पर छोड़े। हमने मुखबिरों की पहचान कर उनसे पूछताछ की। मगर वे केस से जुड़े नहीं मिले। जिसके बाद उनसे रंजिश रखने वालों की भी पहचान की। इसी दौरान गिरोह के सदस्य पकड़े गए।
गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक
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