अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
बड़ेसरा में हुए खूनी संघर्ष के चार दिन बाद बुधवार को गमगीन माहौल में मृतक बलजीत के शव का अंतिम संस्कार परिजनों ने कर दिया। गांव में इस दौरान जबरदस्त तनाव रहा। इसे देखते हुए क्षेत्र में पुलिस फोर्स तैनात रही। पुलिस टीम ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी की।
बता दें कि शनिवार को गांव बड़ेसरा में पंचायत चुनाव की रंजिश को लेकर एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर हमला बोल दिया था। इस हमले में करीब 55 वर्षीय बलजीत सिंह की मौत हो गई थी, जबकि पांच अन्य घायल हो गए थे। घायलों को हिसार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उनका उपचार चल रहा है। इनमें से दो घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। परिजनों ने रविवार को पोस्टमार्टम के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक परिजन धरने पर बैठ गए थे। मंगलवार देर शाम पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र भौरिया के आश्वासन पर परिजन माने और शव उठाने की बात कही।
इसी के तहत बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे परिजन मृतक बलवंत का शव लेकर गांव पहुंचे और सुबह करीब साढ़े 10 बजे गांव में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में खासी संख्या में ग्रामीण व रिश्तेदार शामिल रहे। गांव में अभी भी तनाव बना हुआ और करीब 30 से 40 पुलिस कर्मी गांव में तैनात है। मृतक बलजीत सिंह के लड़के विकास और भाई शिलकराम को सुरक्षा के तौर पर गनमैन दिए गए है। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने छापेमारी भी की। मामले में डीएसपी विजय देशवाल ने बताया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।