चयन आयोग का ज्वाइनिंग लेटर भेजकर बेरोजगार युवा से ठगी
- लेटर के अंदर लिखे मोबाइल पर संपर्क कर खाते में 25 हजार डलवाने की देते हिदायत
- तोशाम क्षेत्र के आधा दर्जन बेरोजगार युवकों को लगाई चपत, केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन का ज्वाइनिंग लेटर भेजकर धोखाधड़ी करने का मामला प्रकाश में आया है। ज्वाइनिंग लेटर में फोन लिखकर संपर्क करने को कहा। जिस पर संपर्क करने पर युवाओं से अकाउंट में राशि जमा करवाई गई। ऐसे करीब छह-सात युवाओं से धोखाधड़ी की गई। धोखाधड़ी के शिकार एक युवक ने शिकायत तोशाम थाने में की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गांव सरल निवासी विमलेश के घर हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन का ज्वाइनिंग लेटर पहुंचा तो वह चहक उठा। उसने लेटर पर लिखे नम्बर को मिलाया तो दूसरी तरफ से बोलने वाले ने कहा कि उसकी रोडवेज में नौकरी लग सकती है, इसके लिए उसे 25 हजार रुपये आनलाइन बैंक खाते में जमा कराने होंगे। उसने कहा कि ज्यादा सोचने का टाइम भी नहीं हैं, क्योंकि तीन से चार पोस्ट ही बची हैं, जिसमें उसकी बात बन सकती है। विमलेश ने बिना जांच किए 25 हजार रुपये अकाउंट में जमा करा दिए। विमलेश ने बताया कि उसने रोडवेज विभाग में परिचालक लगने के लिए आवेदन किया था। मगर उसकी बात नहीं बनी। इसी दौरान उसके घर एक लेटर पहुंचा, जिसके ऊपर हरियाणा स्टाफ शिलेक्शन कमीशन और कंडेक्टर पद का मेडिकल कम ज्वाइनिंग लेटर लिख हुआ था। इस पत्र के एक कोने में मोबाइल नम्बर और पे स्केल भी दर्शाया गया था। जबकि लेटर के अंदर नौकरी के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई थी। जिसे पढने के बाद उसे थोड़ा असमंजस हुआ तो उसने लिखे नम्बर पर सम्पर्क साधा। जिस पर बोलने वाले ने कहा कि अगर आप कंडेक्टर लगना चाहते हैं तो 25 हजार रुपये खाता में जमा कराने होंगे। इसके बाद उसकी ज्वाइनिंग करा दी जाएगी। इतना सुनने के बाद उसके मन में भी नौकरी का लालच आ गया। इसी के चलते उसने बताए गए बैंक खाते में गत 11 फरवरी को 25 हजार रुपये की राशि डलवा दी, इसके बाद उसे कोई मैसेज नहीं आया।
इस तरह हुई धोखाधड़ी
तोशाम निवासी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि कथित हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के नियुक्ति पत्र के माध्यम से इलाके के आधा दर्जन बेरोजगार युवकों के साथ इसी तरह की धोखाधड़ी की गई है। उन्होंने बताया कि फोन पर बोलने वाला युवक अजय कुमार बागपत मेरठ यूपी से है। जबकि ये आईडी भी फर्जी हो सकती है। इन लोगों के पास सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने वालों का समुचित डाटा कहां से आया, यह भी गंभीर जांच का विषय है, क्योंकि ये लोग आवेदकों की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने के बाद ही उन्हें अपने झांसे में नौकरी दिलाने का लालच देकर ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए पैसे ऐंठकर धोखाधड़ी का शिकार बनाते हैं।
तुरंत दूसरे खाते में राशि कर देते हैं ट्रांसफर
धोखाधड़ी का शिकार हुआ विमलेश ने बताया कि जब उसने बैंक में 25 हजार बताए गए खाते में जमा कराए तो उसके बाद उसने इस पैसे की ट्रांजक्शन रद्द कराने के लिए भी बैंक शाखा प्रबंधक से अनुरोध किया था। इस पर बैंक अधिकारी ने भी इस ट्रांजक्शन रिजेक्ट करने का प्रयास किया, मगर एक बार बैंक खाते से पैसे पहुंचने के बाद तुरंत मोबाइल फोन के जरिए ही किसी दूसरे खाते में राशि ट्रांसफर कर दी गई। इससे उसके पैसे वापस नहीं आए।