भिवानी। गांव ढाणी हरसुख की महिला सरपंच के खिलाफ सदर पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। शिकायत गांव के ही एक पंच ने दी है। महिला सरपंच पर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से ओपन परीक्षा का दसवीं पास का फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कराकर दिल्ली ओपन बोर्ड की परीक्षा देकर दसवीं पास का सर्टिफिकेट बनवाकर चुनाव लड़ने का आरोप है।
गांव ढाणी हरसुख निवासी होशियार सिंह ने 2016 में महिला सरपंच के जन्म प्रमाण का सबूत मांगा था, जिसमें उन्हें कुछ शक हुआ था। इसके बाद उसने आरटीआई के जरिए सुचनाएं मांगी थी। पंच का आरोप है कि आरटीआई से खुलासा हुआ था कि महिला सरपंच ने हरियाणा बोर्ड से अप्रैल 2013 में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संस्थान नोएडा से दसवीं की परीक्षा पास की थी। जिसमें उसने फार्म भरते समय छह जुलाई 2010 को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ओपन स्कूल का दसवीं का रिजल्ट कार्ड भी साथ लगाया था। जिसमें उसने अंग्रेजी विषय में 75 अंक प्राप्त किए हुए दर्शाये गए थे। उसने इसी आधार पर राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान में दसवीं कक्षा का फार्म भरते समय अंग्रेजी विषय नहीं भरा था। मनीषा ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान नोएडा में दसवीं कक्षा में सिर्फ हिंदी, मैथ, साइंस व सामाजिक अध्ययन चार पेपरों की ही परीक्षा दी थी। उसने अंग्रेजी विषय के 75 अंक हरियाणा विद्यालय शिक्षा ओपन बोर्ड के रिजल्ट कार्ड के आधार पर जुड़वा लिए। जबकि मनीषा ने हरियाणा बोर्ड से दसवीं की कोई परीक्षा ही नहीं दी थी। दिल्ली ओपन बोर्ड दसवीं परीक्षा बोर्ड का फार्म भरते समय फर्जी हरियाणा बोर्ड का सर्टिफिकेट लगाया था। आरटीआई में मिली सूचना के आधार पर होशियार सिंह ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। एसपी के निर्देश पर मामले की तहकीकात इकोनामिक सेल ने की। अब सरपंच पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।