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बैंक कॉलोनी में नामी कंपनियों के नाम से चल रही थी स्पोर्ट्स सामान बनाने की फैक्टरी

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नाइक, अंडर आरमोर व एसिक्स जैसी नामी स्पोर्ट्स सामान बनाने वाली कंपनियों के लेबल लगाकर लोकल स्पोर्ट्स कपड़े बनाकर बेचने वाली फैक्टरी का भंडाफोड़ हुआ है। उक्त नामी कंपनियों की अधिकृत कंपनी के फील्ड ऑफिसर ने पुलिस को साथ लेकर छापा मारा तो मामला उजागर हुआ। पुलिस ने मौके से एक हजार तैयार कपड़ों के अलावा 70 हजार नामी कंपनियों के लेबल बरामद किए हैं। तीन साल से चल रही इस फैक्टरी से नामी कंपनियों को करीब एक करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है। फिलहाल पुलिस शिकायत पर मामले की जांच में जुटी है।
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भिवानी में नामी कंपनियों नाइक, अंडर आरमोर व एसिक्स के नाम पर स्पोर्ट्स निक्कर, ट्रैक सूट, स्पोर्ट्स किट, स्पोर्ट्स टी-शर्ट बनाने की शिकायतें कंपनी अधिकारियों के पास पहुंच रही थी। इन नामी कंपनियों की अधिकृत कंपनी यूनाइटेड ओवरसीज दिल्ली के फील्ड ऑफिसर कृष्ण गंभीर और सुरेंद्र अरोड़ा ने सूचनाओं के बाद निरीक्षण किया तो मामला सही पाया। इसके बाद दोनों पुलिस अधीक्षक से मिले और एक पुलिस टीम तैयार की गई। शुक्रवार शाम को टीम ने उक्त फील्ड ऑफिसर को साथ लेकर बैंक कॉलोनी में चल रही फर्जी फैक्टरी में छापामारी की। वहां सामान देख सभी हैरान रह गए। करीब 10-15 कारीगर स्पोर्ट्स सामान तैयार करने में जुटे थे। भारी मात्रा में नामी कंपनियों के लेबल थे। जांच के दौरान वहां से एक हजार तैयार कपड़े मिले, वहीं 70 हजार नामी कंपनियों के लेबल मिले। उनके माध्यम से लोगों से ठगी की जा रही थी और कंपनियों और सरकार को चूना लगाया जा रहा था। अंदर मिले माल की कीमत करीब आठ लाख रुपये आंकी जा रही है। जांच में सामने आया कि पिछले तीन-चार साल से यह खेल चल रहा है और नामी कंपनियों को करीब एक करोड़ का चूना लगाया जा चुका है।
यूं लगाते थे चूना
नामी कंपनी का लोअर बाजार में 1200 रुपये तक मिलता है, जबकि ये थोक में दुकानदारों को साढ़े तीन सौ से पांच सौ रुपये तक में दे देते थे। इसके बाद दुकानदार इस लोअर को 700-800 रुपये में बेचता। इसी तरह नामी कंपनी का ट्रैकशूट मार्केट में ढाई हजार रुपये में मिलता है, जिसे ये छह-सात सौ रुपये में उपलब्ध करा देते थे। दुकानदार इन्हें 1200 से 1500 रुपये तक में बेचकर मुनाफा कमाता है।
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राजस्थान, पंजाब भेजा जा रहा स्पोर्ट्स का सामान
कंपनी अधिकारियों की जांच में सामने आया कि भिवानी ही नहीं पंजाब, राजस्थान में यहां से माल सप्लाई हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार औसतन हर रोज एक गाड़ी कपड़ों की यहां से रवाना हो रही है।
कहां से आए लेबल, जांच कर रहीं कंपनियां
छापामारी के दौरान फैक्टरी से करीब 70 हजार नामी कंपनियों के लेबल मिले हैं। अब जांच की जा रही है कि ये लेबल कहां से आए। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दिल्ली में कहीं से ये नकली लेबल बनवाए गए हैं। जिसकी कंपनी के अधिकारी जांच कर रहे हैं।
हमारी कंपनी नाइक, अंडर आरमोर व एसिक्स की अधिकृत कंपनी है। हमें सूचना मिली थी कि यहां नामी कंपनियों के लेबल लगाकर स्थानीय स्तर पर स्पोर्ट्स सामान तैयार कर बेचा जा रहा है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक भिवानी गंगाराम पूनिया से मुलाकात कर शाम को स्थानीय पुलिस को साथ लेकर रेड की गई। यहां से एक हजार के करीब तैयार स्पोर्ट्स सामान और करीब 70 हजार विभिन्न कंपनियों के लेबल बरामद किए गए हैं। यह फैक्टरी एसके फेब्रिक स्टोर के नाम से से चल रही थी।
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- सुरेंद्र अरोड़ा, फील्ड ऑफिसर, यूनाइटेड ओवरसीज दिल्ली
कंपनी अधिकारियों की शिकायत पर बैंक कॉलोनी में एक स्पोर्ट्स कपड़े बनाने वाली फैक्टरी पर छापामारी की गई है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- सतबीर सिंह, एसएचओ, औद्योगिक थाना।
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