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12 एमएम बारिश से नेशनल हाईवे पर जमा हुआ पानी

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04 फोटो नेशनल हाइवे पर भरे पानी को निकालने का प्रयास करते हुए कर्मचारी। - फोटो : Bhiwani
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सुबह-सवेरे सवा दो घंटे में शहर में 12 एमएम बारिश हुई। वहीं देर रात भी बहल, कैरू क्षेत्र के कुछ गांवों में ओलावृष्टि हुई। जिससे किसानों की सरसों, गेहूं, चना फसल में भारी नुकसान बताया जा रहा है। ओलावृष्टि से जहां किसान परेशान हैं वहीं बारिश किसानों के चेहरे पर खुशी लाई। उधर, बारिश से शहर की सड़कों पर लोग परेशान रहे। नेशनल हाईवे पर भी पानी जमा हो गया और सड़क के गड्ढों के कारण हनुमान गेट, हालुवास गेट क्षेत्र में हादसे होते रहे। शहर के निचले इलाकों में भी जलभराव लोगों के लिए परेशानी बना। तोशाम, बवानीखेड़ा में भी बारिश से ऐसे ही हालात रहे।
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बुधवार शाम के बाद रात को भी बारिश हुई। वीरवार सुबह 04:50 पर अचानक तेज बारिश शुरू हुई। बारिश कभी धीमे तो कभी तेज चलती रही। सुबह सात बजे तक बारिश हुई। करीब सवा दो घंटे में शहर में 12 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण बस स्टैंड से रोहतक गेट, बावड़ी गेट, दादरी गेट, हालुवास गेट, हनुमान गेट सहित पूरे सरकुलर रोड, एमसी कॉलोनी के मुख्य मार्ग, महम गेट, जालान अस्पताल के पास, बीटीएम चौक आदि क्षेत्रों में जलभराव हुआ और लोग परेशान रहे। सब्जीमंडी गेट पर तो कीचड़ और जलभराव से बुरा हाल रहा और लोग अंदर जाने से भी कतराते नजर आए। ऐसा ही हाल सरकुलर रोड के दुकानदारों का रहा और जलभराव के कारण दुकानदारी भी खासी प्रभावित रही।
कहां कितनी बारिश
ब्लॉक बारिश
भिवानी 12 एमएम
तोशाम 10 एमएम
बवानीखेड़ा 10 एमएम
लोहारू बूंदाबांदी
रात को भी बरसे ओले, फसलें हुई तबाह : बहल में बुधवार दोपहर के बाद रात को भी क्षेत्र के गांवों में ओलावृष्टि का कहर जारी रहा। गांव गरवां में बुधवार रात को 10 बजे हुई तेज बारिश के बाद जमकर ओलावृष्टि हुई। करीब दस मिनट तक हुई ओलों की बरसात से सरसों व चने की फसल तहस नहस हो गई। सरसों की अगेती फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है।
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बुधवार को दोपहर बाद हुई ओलावृष्टि से सरसों की अगेती फिसल के अलावा सब्जियों व अन्य फसलों में नुकसान हुआ था। गांव सिरसी, चैहड़ खुर्द, सुधीवास, सुरपुरा, पाजू, नांगल, सोरड़ा कदीम व जदीद सहित अन्य गांवों में ओलावृष्टि से सरसों की फसल प्रभावित हुई थी। बुधवार दिन के बाद रात को दस बजे फिर से ओले बरसे। इस बार ओलों की मार गरवा, पातवान साइड ज्यादा रही। गरवां गांव में सरसों व चने की फसल में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। किसान मानसिंह, सुरेश, हरफूल, जयबीर, राजपाल, सतबीर, माईलाल, राकेश, पवन, हरिसिंह, प्रताप सहित अन्य किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से सरसों की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। चने की फसल में भी अच्छा खासा नुकसान है।
वहीं, अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश सचिव दयानंद पूनिया ने कहा कि ओलावृष्टि से क्षेत्र के गांवों में भारी भरकम नुकसान हुआ है। लोगों ने महंगे खाद बीज खरीदकर फसल उपजाई थी लेकिन ओलावृष्टि से सब कुछ तबाह हो गया है। उन्होंने प्रभावित फसलों की गिरदावरी किए जाने की मांग की है। वहीं, लोहारू युवा कांग्रेस अध्यक्ष शक्ति सिंह गाढ़ा ने कहा कि सरकार को अविलंब गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा देना चाहिए ताकि उनको कुछ सहायता मिल सके।

21 फोटो ओलावृष्टि से प्रभावित हुई फसल।- फोटो : Bhiwani

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