भिवानी। भिवानी में रेबीज के संक्रमण से मर रहे गोवंशों की मौत पर गो रक्षकों का सब्र जवाब दे गया। वीरवार को गो रक्षा दल भिवानी सदस्यों ने लघु सचिवालय के बाहर धरना देकर जिला प्रशासन व नगर परिषद के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। इस दौरान गाड़ी में तीन मृत गायों को भी धरना स्थल पर ही रखा गया।
लघु सचिवालय के बाहर धरना देकर रोष जता रहे गोरक्षकों का आरोप है कि भिवानी शहर में रेबीज का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। हर रोज कई बेसहारा कुत्ते व उनके काटने से गाय व नंदियों को मौत हो रही है। बावजूद इसके नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारी गहरी नींद में हैं।
गोरक्षा दल जिला अध्यक्ष संजय परमार ने बताया कि शहर में कोई भी बेसहारा पशु रेबीज से संक्रमित होता है तो नगर परिषद के अधिकारी हर किसी को गो रक्षकों से संपर्क करने को कहते हैं। जबकी हमारे पास संक्रमित पशु को बचाने या उसे काबू करने के कोई संसाधन नहीं। वहीं नगर परिषद के कर्मचारी व अधिकारी वेतन लेते हैं, उनके पास बजट है व संसाधन। लेकिन वो हाथ पर हाथ रखकर सोए हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इस समस्या का हल नहीं होगा, उनका ये धरना व आंदोलन जारी रहेगा। वहीं करीब दो घंटे बाद गो रक्षकों के धरने पर जिला परिषद के सीईओ अजय चोपड़ा धरना स्थल पर पहुचे। उन्होंने तुरंत मौके पर ही नगर परिषद के डीएमसी को फोन किया। जिन्होंने आश्वासन दिया कि वो ईओ को कह कर तुरंत समाधान करवाएंगे।
नहीं उठाते कर्मचारी फोन, सूचना मिलने पर झाड़ रहे जिम्मेदारी से पल्ला
संजय परमार ने आरोप लगाया कि नागरिकों द्वारा पागल गोवंश व अन्य जानवरों के उपचार के लिए जब नगर परिषद प्रशासन को अवगत करवाया जाता है तो या तो नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारी फोन नहीं उठाते और अगर फोन उठा लेते हैं तो अपनी ड्यूटी से पल्ला झाड़ते हुए इस कार्य को गोरक्षा दल भिवानी को अवगत करवाने की बात कह टाल रहे हैं। अगर किसी तरह उन पर दबाव बनाया जाता है तो नगर परिषद के कर्मचारी हां भरने के बावजूद मौके पर नहीं पहुंचते जिसकी वजह से इलाज के अभाव में पागल गोवंश व अन्य जानवर रोड पर ही दम तोड़ देते हैं। पिछले एक माह के दौरान शहर में 15 से 20 मामले ऐसे आए हैं, जहां नगर परिषद की लापरवाही के कारण पागल गोवंश व अन्य जानवरों को अपनी जान रोड पर ही गंवानी पड़ी।
सीईओ ने की फोन पर डीएमसी से बात, मौके पर पहुंचा सफाई निरीक्षक
गो रक्षा दल भिवानी के सदस्यों ने प्रधान संजय परमार के नेतृत्व में रेबीज से संक्रमित मृत जानवरों को लेकर लघु सचिवालय के समक्ष धरना दिया तो जिला परिषद के सीईओ अजय चोपड़ा पहुंचे तथा उन्होंने नगर परिषद के डीएमसी गुलजार मलिक से फोन पर बातचीत की। मलिक ने सफाई निरीक्षक विकास देशवाल को धरना स्थल पर भेजा। जिसके बाद सफाई निरीक्षक ने धरनारत गो रक्षकों की सभी जायज मांगों को मानते हुए इस विषय में ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया।
रुद्रा कॉलोनी में घर के अंदर घुस गया पागल कुत्ता, दूसरे मोहल्ले में छोड़ भागे नप कर्मी
इस मौके पर गोरक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार ने बताया कि स्थानीय रूद्रा कॉलोनी में एक घर में पागल कुत्ते के घुसने की सूचना परिवार द्वारा स्थानीय नगर पार्षद को फोन करके दी गई, लेकिन उन्हें जवाब मिला कि यह काम उनका नहीं, बल्कि गो रक्षा दल का है। बाद में दबाव बनाने पर नगर परिषद के कर्मचारी गए और उस कुत्ते को पकड़कर दूसरे मोहल्ले के अंदर छोड़कर भाग गए। यही नहीं बुधवार को सेक्टर-13 में एक बछड़ा व एक गाय पागल होने की सूचना नागरिकों ने डायल-112 व उपायुक्त कैंप ऑफिस के माध्यम से नगर परिषद प्रशासन को दी थी, लेकिन हद की बात यह थी कि सूचना मिलने के बाद भी नगर परिषद से कोई कर्मचारी वहां नहीं पहुंचा। संजय परमार ने बताया कि भिवानी जिला प्रशासन द्वारा नगर परिषद को 5 लाख रुपये की ग्रांट दी गई है, ताकि वे रेबीज संक्रमित जानवरों को रखने के लिए नंदीशाला में अलग से शेड बना सकें, लेकिन नगर परिषद द्वारा अभी तक वो कार्य भी नहीं किया गया।