गोकलपुरा गांव के मकड़ाना जोहड़ में बन रहे एचएयू के पोषक अनाज अनुसंधान केन्द्र परिसर में काटे गए
बहल। गांव गोकलपुरा में निर्माणाधीन हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के पोषक अनाज अनुसंधान केंद्र में बिना अनुमति के जाल के पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच की मांग की है। वहीं, केंद्र के अधिकारियों ने कहा कि पेड़ नहीं काटे गए हैं। काम में बाधक बने झाड़ हटाए गए हैं।
पोषक अनुसंधान केंद्र में निर्माण कार्य चल रहा है। इस बीच वीरवार को गोकलपुरा के ग्रामीणों को पता चला कि केंद्र के निर्माण में बाधा बता कर केंद्र के अधिकारियों ने बेवजह वर्षों पुराने जाल के पेड़ों को काट डाला है। इस पर ग्रामीण गांव के मकड़ाना जोहड़ में बन रहे केंद्र पहुंचे व जायजा लिया। समाजसेवी महावीर चहल ने बताया कि केंद्र में बिना किसी विभागीय अनुमति के करीब 20 से ज्यादा पेड़ों को काटा गया है। इन पेड़ों पर जंगली पक्षियों का बसेरा था और यह प्रकृति की धरोहर थी। उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर पूरे गांव में रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत द्वारा इस प्राचीन जोहड़ की भूमि केंद्र निर्माण के लिए दी थी। केंद्र के अधिकारी जोहड़ के अस्तित्व को ही खत्म करने पर आमदा है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को मामले में संज्ञान लेकर बिना अनुमति के इन पेड़ों को काट कर वन संपदा को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेवार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृति न हो। वहीं, मामले में केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. गुलाब सिंह ने बताया कि केंद्र में निर्माण कार्य चल रहा है और रास्ते में रुकावट बने झाड़ हटाए गए हैं और किसी बड़े पेड़ को नहीं काटा गया है।