जिले में लगातार दूसरे दिन भी कोविशील्ड वैक्सीन का स्टॉक नहीं पहुंचा। इसको लेकर नागरिकों का चिंता सता रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा वैक्सीनेशन केंद्रों की संख्या भी कम कर दी है। वीरवार को महज नौ केंद्रों पर वैक्सीनेशन की गई। इनमें भी महज 328 नागरिकों को वैक्सीन की डोज लगाई गई है। इनमें से भी महज 72 को पहली डोज लगाई है। कई केंद्रों से नागरिकों को बगैर वैक्सीन करवाए भी वापस घर लौटना पड़ा।
जिले में फिलहाल कोवैक्सीन की महज 3020 डोज का स्टॉक है। यह स्टॉक दूसरी वैक्सीन लगने वाले नागरिकों के लिए रखी हुई हैं। इनमें से भी मजबूरी में स्वास्थ्य विभाग ने 72 नागरिकों को पहली डोज लगाई हैं। जिले में अचानक से वैक्सीन का स्टॉक खत्म होने से नागरिकों को चिंता सता रही है। क्योंकि कोरोना संक्रमण की आशंकित तीसरी लहर से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीन का कारगर बताया था। ऐसे में लगातार नागरिक कोरोना संक्रमण के वैक्सीनेशन अभियान में भाग ले रहे थे। अब नागरिकों को अपने स्वास्थ्य का डर सता रहा है।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है। वीरवार को नौ केंद्रों पर वैक्सीनेशन की गई है। फिलहाल जिले में कोविशील्ड वैक्सीन का स्टॉक नहीं है, इसके लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय से जल्द ही स्टॉक मिलने की उम्मीद है। जिले में कोवैक्सीन की डोज दी जा रही हैं।
- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन।