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वार्डबंदी की ड्रॉ स्कीम के विरोध में पार्षद ने डीसी को सौंपा इस्तीफा

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भिवानी। अनुसूचित जाति के आरक्षित वार्डों की संख्या घटाए जाने के विरोध में सोमवार को वार्ड पांच के पार्षद एवं जजपा शहरी निकाय प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी ईश्वर मान से उपायुक्त को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने शहर की वार्डबंदी में अनियमितताएं होने का आरोप लगाया और अधिकारियों की मिली भगत की बात भी कही। उन्होंने कहा कि जनसंख्या के हिसाब से अनुसूचित जाति के लिए सात वार्ड आरक्षित होने चाहिए, जबकि वार्डबंदी में केवल पांच वार्ड ही आरक्षित रखे गए हैं।
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ईश्वर मान ने उपायुक्त को इस्तीफे के साथ दिए ज्ञापन में बताया कि पिछले कुछ दिनों से शहर में एक निजी कंपनी द्वारा घर-घर जाकर गुपचुप तरीके से जातिगत जनगणना की जा रही है। उस जनगणना के आधार पर ही शहर के वार्डों को बांट दिया गया। शहर के कुछ नेता हैं जो चुनाव को प्रभावित करने के लिए इस तरह की धांधली कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 14 सितंबर, 2021 की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार शहर में अनुसूचित जाती की जनसंख्या 58515 है। इसके हिसाब से शहर में सात वार्ड अनुसूचित जाती के लिए आरक्षित होने चाहिए। उन्होंने कहा यह सब रणनीति भाजपा के एक नेता जो पूर्व मंत्री भी है, उसके इशारे पर की जा रही है। उन्होंने इस मामले में उपायुक्त से संज्ञान लेने की मांग की। सही तरीके से वार्डबंदी नहीं होने से क्षुब्ध होकर उन्होंने अपना इस्तीफा उपायुक्त को सौंप दिया।
आरक्षण को लेकर चुनाव आयुक्त, मुख्यमंत्री व उपायुक्त को भेजा ज्ञापन
भिवानी। नगर पार्षद अनुसूचित जाति की आरक्षित सीट कम होने बारे संत कबीर देव शिक्षा समिति के प्रधान भगवान दास कालिया के मार्ग दर्शन में उपायुक्त, हरियाणा चुनाव आयोग व मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपते हुए भगवान दास कालिया ने बताया कि शहर में 31 वार्ड हैं और 31 वार्डों में अनुसूचित जाति वर्ग के संविधानिक तौर पर 7 वार्ड आरक्षित बनते हैं। यह संख्या पिछली योजना में 6 थी जिसको घटाकर पांच कर दिया है। उन्होंने बताया कि पूरे शहर की जनसंख्या 249999 है। जिसमें अनुसूचित जाति की संख्या 58515 है जिसके अनुसार अनुसूचित जाति की 7 सीटें आरक्षित होती हैं, लेकिन गलत आंकड़े प्रस्तुत करके 5 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की हैं जोकि गलत है। इस अवसर पर पार्षद मा. प्रवीन, पार्षद दलबीर छोटू, पार्षद हरिराम, पार्षद रोशन, पूर्व पार्षद शिवकुमार, पूर्व पार्षद निरंजन वाल्मीकि, पूर्व पार्षद भीम गौरा, आरटीएलओ रामभगत लडवाल, अधिवक्ता अशोक बिडलान, शिव धानक धर्मशाला के प्रधान अनिल डाबला, सुरेंद्र इंदौरा, अनिल पेंटर, मा. गणेशचंद्र, राजू मेहरा, प्रदीप रंगा, जोगीराम, प्यारेलाल कायत, विजेंद्र इटकान, सुशील खटक, देवराज, अमित वाल्मीकि, राकेश पीवाल, जितेंद्र, अधिवक्ता सतीश, बल्लू इटकान, बंटी सोलंकी व बिशंबर डाबला उपस्थित रहे।
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