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कांग्रेसियों का सत्याग्रह : नए कृषि कानूनों को रद्द करने का लिया संकल्प

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भिवानी के हुडा पार्क के बाहर कांग्रेस के सत्याग्रह कार्यक्रम में मंच पर उपस्थित पार्टी के प्रदे? - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बलिदान दिवस के मौके पर कांग्रेस के सत्याग्रह में प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल, प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा, पूर्व सीएलपी लीडर किरण चौधरी, पूर्व सांसद श्रुति चौधरी ने शिरकत की। पार्टी नेताओं ने केंद्र व प्रदेश की सरकार को अंधी, बहरी और गूंगी सरकार बताया। इसके साथ ही पार्टी नेताओं ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी के संघर्ष के रास्ते पर चल कर ने नए कृषि कानूनों को रद्द कराने का संकल्प भी लिया।
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शनिवार को चौ. सुरेंद्र सिंह मेमोरियल पार्क के सामने आयोजित सत्याग्रह कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल, प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा, वरिष्ठ नेता किरण चौधरी, पूर्व सांसद श्रुति चौधरी समेत कई पूर्व विधायक और नेताओं-कार्यकर्ताओं ने करीब पांच घंटे तक किसान, मजदूर और आढ़तियों के समर्थन में धरना दिया। ।
प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल ने कहा कि किसान के भविष्य को पूंजीपतियों की झोली में डाला जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से कहा कि पंजाब सरकार की तर्ज पर केंद्र सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देनी चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि फसलों पर एमएसपी इंदिरा गांधी की देन है, अब सरकार एमएसपी को खत्म करना चाह रही है। फरीदाबाद में अपने साथ हुई अभद्रता पर रोष जताते हुए उन्होंने भाजपा को जिम्मेदार ठहराया।
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कांग्रेस की वरिष्ठ नेता किरण चौधरी ने झूठे वादे करके हरियाणा को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान खून के आंसू रो रहा है। हर वर्ग सड़क पर है। किसान की आमदनी दोगुनी करने की बात कही थी मगर किसान फसल बेचने के लिए ठोकरें खा रहे है। एमएसपी पर फसल की खरीदी नहीं हो रही है। उन्होंने कहाकि प्रदेश की भाजपा-जजपा सरकार की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। इसका बरौदा उप चुनाव में पता लग जाएगा।
पूर्व सांसद श्रुति चौधरी ने केंद्र सरकार को कारपोरेट की सरकार की संज्ञा देते हुए कहा कि किसान अपने जीवन के लिए लड़ रहा है, लेकिन सरकार कारपोरेट घरानों के लिए फिक्रमंद है। इस मौके पर पूर्व विधायक सोमबीर सिंह, रामकिशन फौजी व धर्मपाल सांगवान, अमर सिंह हलवासिया, रामप्रताप शर्मा, सुरेंद्र परमार, शीशराम मेचू, अजीत फौगाट, अशोक ढोला, अशोक बुवानीवाला, देवराज महता, कृष्ण लेघां, परमजीत मड्डू, हरिसिंह सांगवान, राव अर्जुन सिंह, देवेंद्र हुडीना, दिलबाग निमडी, विजय खोरडा, सतबीर सिरसी, अधिवक्ता कुलदीप शर्मा, जगदीप सांगवान, डॉ. ओमप्रकाश आदमपुर, दीपेश सारसर, मुकेश पहाड़ी, सुशील धानक, सुरेंद्र नंबरदार, सत्या लेघां, जयचंद चैहडिया, सुनील सिंघानी, मुंशीराम सिवानी, संजय सोनी, रविंद्र खरे आदि मौजूद रहे।
हुड्डा खेमा रहा सत्याग्रह से नदारद
सत्याग्रह कार्यक्रम में फिर कांग्रेसियों में फूट दिखी। कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा खेमे के स्थानीय नेता नदारद रहे। चर्चाएं रही कि बरोदा में भी कांग्रेस की रैली है और एक साथ दो कार्यक्रम करना आपसी खिंचतान का नतीजा है।
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