गोशाला में बीमार हुई गायों का उपचार करते चिकित्सक व गोसेवक।
भिवानी। श्राद्ध अमावस्या पर जिले भर में 45 गायों की तला हुआ भोजन खाने की वजह से हालत बिगड़ गई। जिसमें दस गायों ने दम तोड़ दिया। रविवार शाम चार बजे भिवानी गो रक्षा दल की टीम ने अग्रसेन चौक पर ट्रैक्टर- ट्राॅली में गायों के शवों के साथ सड़क पर जाम लगा दिया। जिसकी सूचना मिलने पर शहर थाना और औद्योगिक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। गो रक्षा दल सदस्य मांगपत्र पर जिला प्रशासन से लिखित में आश्वासन मांग रहे थे। जाम की सूचना पाकर भिवानी के एसडीएम दीपक बाबूलाल करवा मौके पर पहुंचे।
श्राद्ध अमावस्या पर गायों को तला हुआ भोजन नहीं खिलाने और गोवंश व गायों की सुरक्षा के लिए गो रक्षा दल सदस्यों की टीम ने नगर परिषद के साथ मिलकर अस्थायी बाड़े बनाए थे। शहर में 14 बाड़ों में करीब 1200 से अधिक गायों को रखा था। श्राद्ध अमावस्या पर भिवानी शहर की बाहरी कॉलोनियों और आसपास के गांवों में तला हुआ भोजन देने से 45 गायों की तबीयत बिगड़ गई। जिसमें से चार गायों की मौत गोशाला में उपचार के दौरान हो गई जबकि छह गायों ने गोशाला पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया। 35 गायों का पशु चिकित्सक इलाज कर रहे हैं, जिनमें आठ गायों की हालत भी अभी नाजुक बनी है। गायों की मौत से गुस्साए गोरक्षा दल भिवानी के जिला अध्यक्ष संजय परमार की टीम ने ट्रैक्टर -ट्राॅली में गायों के शवों के साथ रोहतक गेट अग्रसेन चौक पर जाम लगा दिया। करीब ढाई घंटे तक गो रक्षा दल टीम सदस्य सड़क पर जाम लगाकर बैठे रहे। जिसके बाद एसडीएम दीपक बाबूलाल करवा मौके पर पहुंचे।
गो रक्षा जिला अध्यक्ष संजय परमार ने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन को गायों की मौत के प्रति पहले ही आगाह कर दिया था, मगर कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए। जिसके नतीजतन हर साल की भांति इस बार भी दस गायों ने दम तोड़ दिया। पिछले साल 37 गायों की मौत हुई थी। उन्होंने जिला प्रशासन से 2024 में श्राद्ध अमावस्या पर एक माह पहले ही गायों की जान बचाने के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाने की मांग की। जिस पर प्रशासन की ओर से गो सेवकों को लिखित में आश्वासन दिया और गो सेवकों के साथ मिलकर जागरूकता कार्यक्रम करने के साथ गायों की जान बचाने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही। जिसके बाद गो सेवकों ने ट्रैक्टर ट्राली में रख गायों के शवों का नगर परिषद कर्मचारियों के साथ देर शाम को अंतिम संस्कार कराया।
आठ गायों की हालत नाजुक
पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रवींद्र सहरावत ने पशु चिकित्सकों की कई टीमों की ड्यूटी रोस्टर बनाकर लगाई थी, ताकि समय रहते गायों की जान बचाई जा सके। वहीं महम रोड गोशाला के विस्तार अधिकारी डॉ. मोहनलाल बलेश्रा ने बताया कि श्राद्ध अमावस्या पर गांव पालुवास, बापोड़ा, सिकंदरपुर और बाईपास क्षेत्र से गायों को इलाज के लिए लाया गया है। जिन गायों की हालत तला भोजन खाने से बिगड़ी है, पशु चिकित्सक उन्हें हर संभव उपचार देने में जुटे हैं। आठ गायों की हालत अभी भी नाजुक बनी है।