शहर की एक बिल्डिग में बने कोचिंग सेंटर।
भिवानी। जिले में बगैर मान्यता चल रहे कोचिंग सेंटरों पर शिकंजा कसा जाएगा। अब अवैध कोचिंग सेंटर तुरंत प्रभाव से बंद करने के साथ-साथ एकेडमी भवन को भी जब्त किया जाएगा। एकेडमी संचालक और भवन मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई से पहले बिना मान्यता के चल रहे कोचिंग सेंटरों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
दरअसल, शिक्षा निदेशालय ने जिले में बगैर मान्यता चल रहे कोचिंग संस्थानों को बंद कराने के लिए जिले के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए है। साथ ही, शिक्षा निदेशक ने इस बात पर भी नाराजगी जताई है कि सरकार के बार-बार निर्देश के बावजूद भी अवैध कोचिंग संस्थानों के खिलाफ गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए गैर मान्यता प्राप्त सभी एकेडमी को तुरंत बंद कराकर भवन जब्त करें और भवन मालिकों और एकेडमी संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें।
साथ ही, अभी तक हुई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मुख्यालय में भेजें। सरकार पारित किए गए विधेयक के अनुसार सभी निजी कोचिंग इंस्टीट्यूट को रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है। बिना पंजीकरण के कोचिंग इंस्टीट्यूट नहीं चला सकते। जिले में इस समय 100 से अधिक अवैध कोचिंग संचालित होते हैं।
कोचिंग सेंटर के लिए तय किए गए हैं मानक
कोचिंग सेंटर का पंजीकरण होना जरूरी है। कोचिंग सेंटर में छात्रों की सहायता के लिए प्राथमिक चिकित्सा किट और चिकित्सा सहायता सुविधा होनी चाहिए। अग्नि सुरक्षा कोड, भवन सुरक्षा कोड और अन्य मानकों का पालन करना होगा। छात्रों को शिकायत दर्ज कराने के लिए एक शिकायत पेटी या रजिस्टर रखना चाहिए। पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय होना चाहिए। जब तक किसी छात्र से सहमति नहीं ली जाती तब तक उसका फोटो, वीडियो, नाम या फिर ब्योरा विज्ञापन में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसमें जिला अथारिटी को पंजीकरण कैंसिल करने का अधिकार दिया गया है।
अवैध रूप से संचालित हो रहे कोचिंग सेंटर को चिह्नित करने के सरकार की तरफ से आदेश मिल चुके हैं। आदेशों की पालना के लिए जिला उपायुक्त से बैठक की जाएगी। बैठक के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- नरेश महता, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।