भिवानी। नगर परिषद ने पूरे शहर में 513 किलोमीटर दायरे में सफाई के मसौदे को मंजूरी के लिए भेजा है, लेकिन अभी तक इस पर प्रशासनिक मंजूरी नहीं मिली है। करीब दो साल के लिए 32 करोड़ से शहर की सफाई तीन चरण में कराई जानी है। फिलहाल आधा शहर ही सफाई के दायरे में आ रहा है। हालांकि शहर के 31 वार्डों से डोर टू डोर कूड़ा एकत्रित करने के लिए टिप्पर ऑटो लगाए गए हैं, लेकिन गलियों और मुख्य सड़कों की सफाई को अब भी लोग तरस रहे हैं।
करीब ढाई लाख आबादी वाले भिवानी शहर में 31 वार्ड हैं। शहर का वर्तमान में दायरा काफी बढ़ गया है। ऐसे में शहर में आसपास काफी नई कॉलोनियां भी विकसित हो गई हैं, जिनके अंदर दशकों से सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। भिवानी नगर परिषद ने दो साल के लिए करीब 32 करोड़ के बजट से तीन चरण में पूरे शहर की सफाई का खाका तैयार कर मसौदे को प्रशासनिक मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा हुआ है। लेकिन अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिली है।
शहरी के सरकुलर रोड से बाहर की अधिकांश कॉलोनियों की सड़कों पर सफाई नहीं हो रही है। वहीं, शहर के अंदर कूड़ा प्वाइंट भी लगातार बढ़ रहे हैं। लोग भी खाली प्लाटों या फिर जगह पर कूड़ा डाल रहे हैं। इससे भी शहर की स्वच्छता को ग्रहण लग रहा है।
यह है शहर की सफाई का मास्टर प्लान
नगर परिषद ने शहर के सभी 31 वार्डों में सर्वेक्षण कराया था। इसके बाद शहरी दायरे को 513 किलोमीटर के दायरे को सफाई कार्य के लिए चिह्नित किया गया। इसके लिए 300 मीटर के वीआईपी एरिया को प्रथम चरण में शामिल किया गया। जबकि दूसरे चरण में 500 मीटर के दायरे में एक सफाई कर्मचारी की तैनाती के लिए मध्यम श्रेणी तय की गई। इसी तरह 700 मीटर दायरे में निम्न श्रेणी तय हुई, जिसमें एक सफाई कर्मचारी तैनात होगा। भिवानी शहर से रोजाना करीब सौ टन कचरा निकल रहा है।
शहर के इन इलाकों में नहीं हो रही गलियों में सफाई
शहर के सरकुलर रोड के बाहर के दायरे की कॉलोनियों में सफाई का काम काफी प्रभावित हो रहा है, क्योंकि यहां पर कोई भी नियमित सफाई कर्मचारी नहीं है। नगर परिषद के समक्ष करीब पौने तीन सौ सफाई कर्मचारी हैं। इनमें से अधिकांश सफाई कर्मचारी तो सरकारी कार्यालयों व वीआईपी इलाकों में तैनात हैं, जबकि शहर के प्रमुख जगहों पर ही साफ सफाई का काम कर रहे हैं। सरकुलर रोड से बाहर दिनोद रोड, बैंक कॉलोनी, हांसी रोड पर देव नगर कॉलोनी, कोंट रोड और ढाणा रोड क्षेत्र की किसी भी कॉलोनी में सफाई कर्मचारी नहीं हैं।
पौने तीन सौ कर्मचारियों के कंधों पर शहर की सफाई का भार
नगर परिषद में इस समय करीब पौने तीन सौ सफाई कर्मचारी हैं। इसमें करीब 175 नियमित सफाई कर्मचारी हैं बाकी कर्मचारी कौशल रोजगार निगम के तहत लगे हैं। शहर के 31 वार्डों में व बढ़े हुए दायरे में सफाई के लिहाज से करीब साढ़े पांच सौ सफाई कर्मचारियों की जरूरत है।
नहीं हो रहा सफाई एप का इस्तेमाल
नगर परिषद में शहर में सफाई को लेकर किसी तरह की एप की कोई सुविधा नहीं है। एप पर कोई भी सफाई संबंधी शिकायत आना तो दूर नप में इस तरह की कोई व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में नगर परिषद ने शहर में कुछ हिस्से का काम ठेके पर भी दिया है।
नगर परिषद की ओर से पूरे शहर में सफाई कार्य का प्रपोजल बनाकर मुख्यालय भेजा हुआ है। इसमें अब कोई तकनीकी दिक्कत नहीं है। प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद इसकी तकनीकी मंजूरी कराई जाएगी। इसके बाद ही शहर में सफाई कार्य का काम शुरू होगा। मैं खुद मुख्यालय जाकर इस पर अपडेट ले रहा हूं। जल्द ही ये मामला सिरे चढ़ाया जाएगा।
-भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद, भिवानी।