भिवानी। भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के जिन स्कूल भवनों को जर्जर घोषित किया गया है, उनमें किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित न की जाएं। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए कि ऐसी स्थिति में ग्राम पंचायत के सहयोग से गांवों में वैकल्पिक स्थानों का चयन कर कक्षाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो और उनकी सुरक्षा बनी रहे।
सांसद शनिवार को लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में बारिश के चलते बने हालातों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्होंने सिंचाई विभाग, पंचायत विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और बिजली निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए तुरंत आवश्यक कदम उठाएं ताकि आमजन को किसी तरह की परेशानी न हो।
सांसद ने कहा कि जलघरों में दूषित पानी नहीं पहुंचना चाहिए और लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो यह सुनिश्चित किया जाए। गंदे पानी से संक्रमण फैलने और लोगों के बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है इसलिए विभागों को इस दिशा में विशेष सतर्कता बरतनी होगी। उन्होंने अधिकारियों से आपसी तालमेल के साथ काम करने और लगातार निगरानी रखने को भी कहा।
बिजली निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बारिश के दौरान ढीले व जर्जर तारों को तुरंत ठीक किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई ट्रांसफार्मर जमीन के अत्यधिक समीप न हो, जिससे किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
स्कूल, सीएचसी, पीएचसी से हो पानी की निकासी
सांसद ने निर्देश दिए कि जिन गांवों में स्कूल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) या पशु अस्पताल परिसर में बारिश का पानी जमा हो गया है वहां उसकी त्वरित निकासी की जाए। उन्होंने कहा कि इन स्थानों का सीधा संबंध आमजन, विशेषकर बच्चों और मरीजों से होता है, इसलिए यहां की सफाई और जलनिकासी को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में उपायुक्त साहिल गुप्ता, डीएमसी गुलजार मलिक, तोशाम के एसडीएम डॉ. अशवीर नैन, सिवानी की एसडीएम विजया मलिक, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता ओपी बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।