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Bhiwani News: सिविल सर्जन ने स्वयं खून की जांच करवाकर किया एनीमिया मुक्त अभियान का शुभारंभ

Tue, 11 Jun 2024 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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 खून की जांच करवाकर एनीमिया मुक्त अ​भियान का शुभारंभ करते सि​विल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य। 
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भिवानी। जिले को एनीमिया मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 100 दिन तक एनीमिया मुक्त अभियान चलाया जाएगा। चौ. बंसीलाल नागरिक अस्पताल में मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने स्वयं खून की जांच करवाकर अभियान की शुरुआत की। इस उपरांत ओपीडी में आए बच्चे तथा महिलाओं के खून की जांच की गई।
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अभियान के तहत बच्चों, किशोरों और महिलाओं आदि में खून के सैंपल लेकर एनीमिया की जांच की जाएगी। एचबी का सामान्य मान 11 से अधिक माना जाता है, जबकि 10 से 10.9 के बीच का मान हल्का एनीमिया, 7 से 9.9 के बीच का मान मध्यम तथा 7 से कम का मान गंभीर एनीमिया की श्रेणी में आता है। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने कहा कि जिस भी व्यक्ति में कमजोरी, जल्दी थकान, पीली त्वचा, सांस की दिक्कत, भूख की कमी है तो एनीमिया के लक्षण है। वही उचित आहार-विहार न लेने के कारण बच्चों, किशोरों-युवाओं, महिलाओं व अन्य वर्ग के लोगों में खून की कमी हो जाती है। इस कारण उन्हें पैरों में दर्द, एकाग्रता की कमी, शारीरिक दुर्बलता, चिड़चिड़ापन, भूख कम लगने समेत खासकर बच्चों में शारीरिक एवं मानसिक विकास भी रुक जाता है। ऐसे में विभाग की ओर से ऐसे मरीजों की पहचान करके उनका बेहतर इलाज कराने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत नागरिक अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी और आंगनबाड़ी केंद्रों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त फील्ड स्टाफ गांव स्तर पर स्क्रीनिंग टेस्ट भी करेगा। उन्होंने सभी जिले वासियों से अपील की है कि वे अपने खून की जांच अवश्य करवाएं। ताकि जिसमें एनीमिया की कमी पाई जाती है, तो उसका समय पर इलाज करके उसको एनीमिया मुक्त किया जा सकता है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आशीष ने बताया कि प्रोग्राम को सफल बनाने के लिए टीमों का गठन किया जा चुका है। प्रोग्राम के तहत छह टारगेट ग्रुप जिसमें 6 महीने से 5 वर्ष, 5 से 9 वर्ष, 10 से 19 वर्ष, 20 से 49 वर्ष के आयु के व्यक्तियों, गर्भवती महिला व स्तनपान करने वाली महिला के खून की जांच की जाएगी। विशेष रूप से स्तनपान कराने वाली व गर्भवती महिलाओं के खून की जांच की जाएगी। आयरन की गोलियां वितरित की जाएंगी और इसी तरह बच्चों के लिए सिरप भी वितरित किया जाएगा। अभियान के तहत नागरिक अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी और आंगनबाड़ी केंद्रों पर शिविर आयोजित किए जायेगें। इसके अतिरिक्त फील्ड स्टाफ गांव स्तर पर स्क्रीनिंग टेस्ट भी करेगा। इस मौके पर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रीटा, उप सिविल सर्जन डॉ. राकेश खटक, नोडल अधिकारी डॉ. अरुण मौजूद था। संवाद
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