जिला सामान्य अस्पताल और किशनलाल जालान राजकीय नेत्र अस्पताल में नौ लैब तकनीशियनों के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में रक्त नमूनों की जांच का गणित बिगड़ गया है। इतना ही नहीं ओपीडी में तैनात सीनियर फिजिशियन डॉ. रघुवीर शांडिल्य की भी कोविड-19 में एक माह के लिए ड्यूटी लगा दी गई है, जिससे बढ़ रहे डेंगू के खतरे के बावजूद ओपीडी में कोई सीनियर फिजिशियन नहीं है।
बुधवार को डेंगू और वायरल बुखार के बढ़ रहे मरीजों के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि ओपीडी में कोई फिजिशियन नहीं मिला। इस वजह से मरीज भी इधर उधर भटकते रहे। वहीं नौ लैब तकनीशियनों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद रक्त नमूनों की जांच का काम भी प्रभावित हो गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब संक्रमित कर्मचारियों की जगह दूसरे लैब तकनीशियनों की व्यवस्था करने में हाथ पांव फूल गए हैं।
कोविड-19 में ड्यूटी देंगे सीनियर फिजिशियन
अगले एक माह तक ओपीडी के सीनियर फिजिशियन डॉ. रघुवीर शांडिल्य की ड्यूटी कोविड-19 टीम में लगाई गई है। डॉ. रघुवीर सीनियर फिजिशियन हैं और सामान्य दिनों में उनकी सबसे अधिक ओपीडी साढ़े तीन सौ मरीजों तक रह चुकी है। ऐसे में अब ओपीडी में डेंगू, वायरल बुखार व अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों की जांच का काम भी प्रभावित होगा। फिलहाल ओपीडी में फिजिशियन धर्मेंद्र व डॉ. रितू फौगाट की तैनाती है।
नेत्र अस्पताल में रोजाना आते हैं 400 से 500 मरीज
राजकीय किशनलाल नेत्र अस्पताल में रोजाना ही 400 से 500 मरीजों की ओपीडी रहती है, सामान्य दिनों में ये ओपीडी करीब आठ सौ से एक हजार तक भी पहुंच जाती है। यहां पर लैब तकनीशियन व स्टाफ नर्स के कोरोना संक्रमित आने के बाद भी यहां की व्यवस्था भी बिगड़ गई है। क्योंकि यहां पर नेत्र ऑपरेशन भी किए जाते हैं और सीनियर सिटीजन की रक्त नमूनों की जांच भी नियमित रूप से होती है।
वर्जन-
जिले में चार जगह निश्चित की गई हैं, जहां पर लोगों की सैंपलिंग की जाएगी। लैब तकनीशियन कोरोना संक्रमित मिले हैं, उनका उपचार चल रहा है। सैंपलिंग के लिए जल्द ही नए लैब तकनीशियनों की व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन भिवानी
एक फिजिशियन की ड्यूटी कोविड-19 में लगाई गई है। अस्पताल की ओपीडी सुचारु रूप से चलाने के लिए एक महिला फिजिशियन सहित दो चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है।
- डॉ. मंजू कादियान, प्रधान चिकित्सा अधिकारी भिवानी