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Bhiwani News: जर्जर स्कूल में छत से बाहर झांक रही अव्यवस्था

Fri, 01 Aug 2025 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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गांव चांग के राजकीय कन्या स्कूल का खस्ताहाल भवन।
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भिवानी। जंग लगी व्यवस्था के कारण खस्ताहाल स्कूलों में बच्चों की जिंदगी सांसत में है। शिक्षा विभाग भी विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर कितना संजीदा है इसकी एक बानगी गांव चांग के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में देखने को मिलती है। सात साल से विद्यार्थी जर्जर भवन की छत के नीचे पढ़ाई करने के लिए विवश हैं।
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गांव चांग के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 271 छात्राएं कक्षा छठी से बारहवीं तक की पढ़ाई कर रही हैं। वर्ष 2018 में विद्यालय का ये भवन बालिकाओं की पढ़ाई के लिए असुरक्षित यानी कंडम घोषित कर दिया गया था। इसके बावजूद भी छात्राओं की कक्षाएं अन्य कोई विकल्प नहीं मिलने की वजह से इसी जर्जर भवन में लग रही हैं। दो मंजिला इस इमारत का ऊपरी हिस्सा तो इतना खस्ताहाल है कि छत के सरिए भी बाहर झांक रहे हैं। इस वजह से इस हिस्से को पूरी तरह से खाली करा दिया है। जबकि धरातल पर बने कमरों के अंदर छात्राओं की कक्षाएं लगाई जा रही हैं। हालांकि लगातार छतों से भारी मलबा गिरता है। बारिश में तो यहां जलभराव और छतों से मलबा गिरने का सिलसिला तेज हो जाता है। ऐसे में छात्राओं की जान पर भी हमेशा जोखिम बना रहता है। संवाद

जोखिम भरे माहौल में पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं छात्राएं
गांव चांग का कन्या स्कूल काफी जर्जर है। हमारी बेटियां जोखिम भरे माहौल में पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं। विद्यालय प्रबंधन को भी काफी बार अवगत कराया गया है। लेकिन शिक्षक और प्राचार्य केवल पत्राचार कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। हमारी प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग है कि वे खस्ताहाल विद्यालय भवन की सुध लेकर जल्द से जल्द नए भवन का निर्माण कराए और तब तक छात्राओं की कक्षाएं किसी सुरक्षित जगह पर लगाई जाएं।
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-प्रवीण रंगा ग्रामीण।

न शौचालय सही न पीने का पानी
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय काफी पुराना है। ये भवन भी गांव के ही दानवीर ने बनवाया था। लेकिन शिक्षा विभाग अब इस भवन को कंडम घोषित करा चुका है, जबकि नए भवन का निर्माण कार्य अब तक नहीं हुआ है। विद्यालय में छात्राओं के लिए ठीक से शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था तक नहीं है। गर्मियों के दिनों में तो काफी दिक्कतें बनती हैं। हमारी मांग है कि सरकार बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का दावा करती हैं, लेकिन धरातल पर कुछ काम नहीं हो रहा है।
-हट्ठी सिंह ग्रामीण

कन्या विद्यालय में इस समय 271 छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं। विद्यालय में 13 अध्यापक हैं, जबकि पांच शिक्षकों की कमी है। इसके संबंध में विभाग से पत्राचार किया गया है। विद्यालय में विज्ञान और गणित विषय के शिक्षक भी नहीं है। विद्यालय का भवन 2018 में कंडम घोषित किया जा चुका है। कुछ हिस्से को पूरी तरह से खाली कर दिया है जबकि कुछ हिस्से में ही छात्राओं की कक्षाएं लगाई जा रही हैं। विद्यालय के नए भवन के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
-सारिका शर्मा, प्राचार्या, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चांग।

तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल से गांव चांग में जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत की तरफ से कन्या विद्यालय के नए भवन की मांग रखी गई थी। मुख्यमंत्री ने भी घोषणा की थी, लेकिन अभी तक नया विद्यालय भवन नहीं मिला है, न ही बालिकाओं की पढ़ाई के लिए कोई सुरक्षित जगह मुहैया कराई गई है। गांव के दानवीर ने करीब 50 साल पहले कन्याओं के लिए विद्यालय भवन का निर्माण कराया था, अब इसी जर्जरहाल भवन में गांव की बेटियां बैठकर पढ़ाई करने पर मजबूर हैं।
-प्रदीप रंगा सरपंच प्रतिनिधि गांव चांग।

गांव चांग के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के नए भवन निर्माण के लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की तरफ से दो करोड़ 64 लाख के बजट की मंजूरी मिल चुकी है। लेकिन करीब 28 लाख के और अतिरिक्त बजट की मांग रखी गई है। जिसकी प्रक्रिया अभी चल रही है। जल्द ही नए विद्यालय भवन निर्माण कार्य के टेंडर कराकर काम शुरू कराया जाएगा।
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- दत्तात्रेय, एसडीई, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान भिवानी।
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