शिक्षकों को अपने विद्यार्थियों से निरंतर ऑनलाइन संवाद जारी रखने के निर्देश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके मित्तल के कुशल नेतृत्व एवं कुलसचिव डॉ. जितेंद्र भारद्वाज के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन परिषद् के निदेशक एवं डीन शैक्षणिक मामले प्रो. राधेश्याम ने सभी विभागाध्यक्षों को जारी किए गए हैं।
विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर इस वैश्विक कोरोना महामारी में विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान विभागाध्यक्ष एवं शिक्षक विद्यार्थियों से ऑनलाइन संवाद स्थापित कर करें। विद्यार्थियों को विभाग इस कोरोना महामारी से स्वयं, परिजनों अपने आसपास के जानकारों, मित्रों एवं रिश्तेदारों को बचाएं। सरकार द्वारा कोरोना से बचाव के लिए जारी सभी हिदायतों, नियमों एवं सावधानियों का पालन करते हुए एक-दूसरे की मदद करें।
प्रो. राधेश्याम ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल के आदेशानुसार विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को चिंता एवं तनाव मुक्त करने के लिए यह विशेष पहल की गई है। उन्होंने कहा कि संवाद से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ेगा और वे तनाव एवं चिंता मुक्त हो अपनी शैक्षणिक गतिविधियों को ऑनलाइन जारी रख सकेंगे।
विश्वविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन परिषद् के इन निर्देशों का पालन करते हुए मनोविज्ञान विभाग ने अपने विद्यार्थियों से संवाद स्थापित किया है। प्रो. राधेश्याम ने उम्मीद जताई कि जल्दी ही विश्वविद्यालय के सभी विभागों द्वारा यह संवाद शुरू किया जाएगा।