भिवानी। जिले में वायरल के साथ-साथ टाइफाइड के मरीज भी बढ़ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल की फिजिशियन ओपीडी में रोजाना 250 के करीब मरीज आ रहे है। इनमें खांसी, जुकाम के मरीजों के साथ टाइफाइड के मरीज भी आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार टाइफाइड के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।
नागरिक अस्पताल में भी 10 से 12 मरीजों की टाइफाइड की जांच कराई जा रही हैं। इनमें से पांच से सात मरीजों को टायफाइड के मिल रहे है और दो से तीन मरीजों को दाखिल किया जा रहा है। सर्दियों का मौसम स्वास्थ्य के हिसाब से सुरक्षित माना जाता है। इस मौसम में खान-पान आदि को लेकर अधिक चिंता नहीं होती और सभी तरह के खाद्य पदार्थ आसानी से पच जाते है। जबकि टाइफाइड दूषित खान-पान से होने वाली बीमारी मानी जाती है। अब तापमान बढ़ने से खान-पान में गड़बड़ी पैदा होती है। इसी कारण टाइफाइड के मामले ज्यादा हैं। तापमान धीरे धीर बढ़ रहा है, लोग भी बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं।
कैसे होता है टाइफाइड
दूषित खान-पान, बासी भोजन, बाजार के चाट-पकौड़े, समौसे, खुले-कटे रखे फल, बिना सफाई के बनाया गया भोजन, गंदा पानी पीने से यह बीमारी हो सकती है। ऐसे में इन चीजों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। साफ-स्वच्छ और ताजा भोजन ही लें। पानी को उबाल कर व छानकर पीएं। हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें।
टाइफाइड के लक्षण
-उच्च बुखार।
-भूख में कमी।
-सिरदर्द।
-दस्त।
-गले में खराश।
-चकत्ते।
-मांस पेशियों और जोड़ों में दर्द।
-सूखी खांसी।
बचाव
-हाथों को साफ करके भोजन करें।
-दूषित पानी व भोजन न करें।
-कच्ची सब्जियां न खाएं।
-फलों को अच्छी तरह से धोकर खाएं।
-बाजार के खुले खाद्य पदाथों का सेवन न करें।
-भोजन करने से पहले हाथ को अच्छी तरह से धोएं।
-घर में साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें।
-चिकित्सक की सलाह पर टीका लगवाएं।
गंदा पानी और दूषित खाने के जरिए लोगों के टाइफाइड की चपेट में आने की संभावना रहती है। परिवार के किसी सदस्य के चपेट में आने से अन्य लोगों में फैलने का खतरा रहता है। इससे बचने के लिए हर चीज में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। चिकित्सक से परामर्श लेने के बाद जांच अवश्य कराएं, लापरवाही कतई न करें।
-डॉ. यतिन गुप्ता, एसएमओ, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी