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Bhiwani News: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लाखों रुपये धोखाधड़ी से लेने पर पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज

Wed, 27 Sep 2023 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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बवानीखेड़ा।
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गांव रोहनात में कई किसानों ने गिरोह के माध्यम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का झूठा मुआवजा लिया है। इस मामले में केंद्र, प्रदेश सरकार और बीमा कंपनियों के राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप में बवानीखेड़ा पुलिस थाना ने पांच किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस संबंध में सीएम फ्लाइंग ने जांच की थी।
जांच के दौरान गांव रोहनात के जमालपुर कोऑपरेटिव सोसायटी के माध्यम से फसल बीमा करवाने वाले किसानों का रिकॉर्ड एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी से प्राप्त किया गया। इसमें जमीनों को ठेके पर बुआई करने के संबंध में जमीन मालिकों के शपथ पत्र बीमा करवाने वाले किसानों द्वारा साथ लगाए गए थे। उन जमीन मालिकों से पता किया गया तो उन्होंने बताया कि यह शपथ पत्र झूठे हैं और ये हमारे द्वारा नहीं बनवाए गए हैं।
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सूचना में शामिल किसानोंं के रिकॉर्ड के अवलोकन के बाद पाया कि कविता रानी निवासी रोहनात ने 12 एकड़ व दो कनाल बिये लाल गांव रोहनात की जमीन ठेके पर बुआई करने का रिकॉर्ड पैक्स जमालपुर में जमा करवाया था। बिये लाल के बयान के अनुसार वह गांव उमरा का रहने वाला है और गांव रोहनात के रकबे में उसकी 10 एकड़ जमीन खेती योग्य है। कविता ने उसका झूठा शपथ पत्र लगाया है क्योंकि शपथ पत्र पर बिये लाल के अंगूठे की जगह हस्ताक्षर किए हैं, जबकि बिये लाल अनपढ़ है और बिये लाल की जमीन के संबंध में जो जमाबंदी रिपोर्ट कविता उपरोक्त द्वारा जमा करवाई गई उसके अनुसार भी 79 कनाल जमीन बनती है। जो 10 एकड़ से एक कनाल कम है। गिरदावरी रिपोर्ट खरीफ फसल वर्ष 2021- 22 अनुसार उपरोक्त जमीन में से 46 कनाल में धान था और चार कनाल जमीन गैर मुमकिन है। जबकि 12 एकड़ दो कनाल जमीन में कपास की फसल दिखाकर बीमा करवाया गया था और 12 एकड़ में कपास की फसल का 3,32,614 रुपये बीमा ले लिया गया।

साहिल ने दो किसानों का दिया फर्जी शपथ

साहिल वासी रोहनात ने 20 एकड़ जमीन ठेके पर लेकर बुआई करने के शपथ पत्र दिए हैं। इसने पहला शपथ पत्र राजसिंह का दिया है। इसमें नौ एकड़ छह कनाल जमीन दिखाई है। राजसिंह ने अपने लिखित बयान में बताया कि उसके पास एक एकड़ छह कनाल जमीन है। साहिल ने जो शपथ पत्र दिया है उस पर उसके नाम से हस्ताक्षर किए गए हैं, जबकि वह अनपढ़ है और अंगूठा लगाता है। उसने अपनी जमीन कभी भी साहिल को ठेका पर नहीं दी। साहिल ने दूसरा शपथ पत्र राजेंद्र का लगाया है, जिसमें दो एकड़ जमीन दर्शाई गई है। जो राजेंद्र ने भी अपना लिखित बयान दिया और बताया कि उसके पास दो एकड़ जमीन है जो उसने कभी भी साहिल को ठेके पर नहीं दी है। साहिल ने झूठा शपथ पत्र लगाया है उसने फसल बीमा के 5,54,357 रुपये प्राप्त किए।

ठेके पर नहीं दी जमीन फिर भी जमा करवाया रिकॉर्ड
एकता रानी निवासी रोहनात ने 20 एकड़ जमीन ठेके पर बुआई करने का रिकॉर्ड पैक्स जमालपुर में जमा करवाया था। इसने सीताराम का शपथ पत्र लगाया है। इसमें 21 कनाल आठ मरले जमीन दर्शाई है। सीताराम ने अपने बयान में बताया कि उसने कभी भी जमीन ठेके पर नहीं दी है। वह अपनी जमीन पर खेती करता है। एकता रानी ने झूठा शपथ पत्र लगाया है। इसके अतिरिक्त गिरदावरी रिपोर्ट 2021-22 के अनुसार उपरोक्त जमीन में चावल व ज्वार की बुआई की गई है। जबकि एकता रानी उपरोक्त द्वारा इस जमीन पर कपास की फसल का बीमा करवाकर बीमा राशि ली गई है। एकता रानी ने दूसरा शपथ पत्र रामेहर का लगाया है, जिसमें 10 एकड़ एक कनाल सात मरले जमीन दर्शाई गई है। रामेहर ने बताया कि उसके नाम एक एकड़ व मेरी मां के नाम चार कनाल जमीन है। वह लगभग साढ़े तीन एकड़ जमीन पर खेती करता है। अपनी जमीन किसी को ठेके पर नहीं दी। एकता रानी ने झूठा शपथ पत्र लगाया है। एकता ने तीसरा शपथ पत्र जीवनी निवासी उमरा का लगाया है। इसकी 121 कनाल जमीन दर्शाई है, जबकि जमाबंदी रिपोर्ट 2016-17 के अनुसार जीवनी उपरोक्त के हिस्से में केवल चार कनाल आठ मरले जमीन आती है। एकता रानी ने 4,15,767 रुपये फसल बीमा के प्राप्त किए।

शपथ पत्र में कर दिए किसी और के हस्ताक्षर
स्वीटी निवासी रोहनात ने 10 एकड़ जमीन ठेके पर लेकर बुआई करने का रिकॉर्ड पैक्स जमालपुर में जमा करवाया था। इसके आधार पर उसे कपास की फसल के बीमा राशि के 2,77,178 रुपये जिसमें सुंदर व महेंद्र का शपथ पत्र लगाया था। इसमें पांच एकड़ एक कनाल जमीन दर्शाई गई थी। सुंदर ने बताया कि उसके पास 106 एकड़ जमीन है। उसे व उसके भाई महेंद्र ने कोई शपथ पत्र नहीं दिया और स्वीटी ने जो शपथ पत्र दिया है उस पर किसी और के हस्ताक्षर हैं। स्वीटी ने दूसरा शपथ पत्र राजेंद्र व उसके भाई सुरेंद्र का दिया है, उनके नाम पांच एकड़ दो कनाल जमीन शपथ पत्र में दर्शाई है। राजेंद्र ने बतलाया कि 2021 में उन्होंने खरीफ फसल के समय रामू को ठेके पर जमीन दे रखी थी। स्वीटी ने उसके व उसके भाई सुरेंद्र के नाम से झूठा शपथ पत्र दिया है।

विशाल वासी रोहनात ने 33 एकड़ जमीन ठेके पर बुआई करने का रिकॉर्ड पैक्स जमालपुर में जमा करवाया था। इसमें पहला शपथ पत्र सतबीर का दिया था, उसमें 10 एकड़ एक कनाल जमीन दर्शाई गई थी। सतबीर ने अपने लिखित बयान में बताया कि वह अपनी जमीन पर खुद खेती करता है और उसके नाम से जो शपथ पत्र विशाल द्वारा लगाया गया है वह झूठा है। विशाल ने दूसरा शपथ पत्र राजेंद्र के नाम का लगाया है, जिसमें 13 एकड़ दो कनाल जमीन दर्शाई गई है। वहीं राजेंद्र ने अपने बयान में बताया कि मेरे पास चार एकड़ जमीन है, जिस पर मेरा पुत्र व वह खेती करते हैं। उसकी जमीन पर विशाल ने जो शपथ पत्र मेरे नाम का लगाया है वह झूठा है। विशाल ने तीसरा शपथ पत्र पृथ्वी के नाम का लगाया है। इसमें 79 कनाल (09 एकड़) जमीन दर्शाई गई है। जिस पर पृथ्वी के बेटे विनोद ने अपना लिखित बयान दिया। इसमें बताया कि अपनी जमीन किसी को भी ठेका पर नहीं दी है। विशाल ने फर्जी कागज तैयार करके उसके पिता के हस्ताक्षर कर रखें हैं जबकि मेरे पिता अनपढ़ हैं और अंगूठा लगाते हैं। विशाल ने 7,20,664 रुपये फसल बीमा के प्राप्त किए। जिन व्यक्तियों की कृषि भूमि का रिकॉर्ड व शपथ पत्र व्यक्तियों द्वारा बीमा करवाते समय लगाया गया था, उन्होंने उनके नाम से दिये गये शपथ पत्रों को अपने बयानों में झूठ बताया है।
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सीएम फ्लाइंग ने जांच कर अपनी रिपोर्ट बवानीखेड़ा थाना में भेजी है। जिसमें कविता रानी, साहिल, एकता रानी, स्वीटी, विशाल निवासी गांव रोहनात ने धोखाधड़ी से फर्जी दस्तावेज तैयार करके उनका असल दस्तावेज के तौर पर प्रयोग करके गलत तरीके से फसल बीमा राशि प्राप्त की है। सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाई है। बवानीखेड़ा पुलिस ने इस संबंध में पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
-पवन शर्मा, प्रबंधक बवानीखेड़ा पुलिस थाना।
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