एचआईवी संक्रमित दूल्हे की शादी रुकवाने के मामले में पता चला है कि बेटी के हाथ पीले करने के लिए मजदूर पिता ने साहूकार से कर्ज लिया था। वहीं, सदर पुलिस भी मामले की गहनता से जांच में जुटी है। दरअसल, एचआईवी संक्रमित दूल्हे को रोहतक पीजीआई की टीम ने फेरों से पहले शादी करने से रोक दिया था। मामला सदर पुलिस थाना के तहत आने वाले एक गांव का था।
इसके बाद दुल्हन पक्ष की तरफ से शादी की तैयारियां होने और मंडप सज जाने के बाद दूल्हा पक्ष ने ही एचआईवी संक्रमित के छोटे भाई से शादी का प्रस्ताव रख दिया था। इस बात पर दोनों पक्ष एक बार तो राजी भी हो गए थे। हालांकि दुल्हन के घर छोटे भाई की बरात लाने की बात पर लड़का पक्ष की तरफ से दहेज की डिमांड रखे जाने के आरोप लगे हैं।
लड़की पक्ष का आरोप है कि एचआईवी संक्रमित को शादी करने से जब रोका गया तो उसके छोटे भाई का शादी के लिए प्रस्ताव रखा था। छोटा भाई फौज में नौकरी करता है। इस पर एक बार तो दोनों पक्षों में सहमति बन चुकी थी। हालांकि बरात दुल्हन के घर लाने की बात हुई तो दूल्हा पक्ष ने फोन कर गाड़ी और दस लाख रुपये का इंतजाम करने की पेशकश कर डाली। इसकी कॉल रिकॉर्डिंग भी पुलिस को दी गई है।
दूसरी तरफ, लड़की के पिता ने बेटी के हाथ पीले करने के लिए पहले से ही साहूकार से लाखों रुपये का कर्ज लिया था। मंडप और फेरों की तैयारी के बाद अचानक शादी रुक जाने के बाद से ही दुल्हन का परिवार सदमे में है। लड़की पक्ष के लोगों ने सदर पुलिस को इस संबंध में शिकायत दी है।
सदर पुलिस के सामने अभी तक दूल्हे के एचआईवी संक्रमित की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ये शादी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एचआईवी संक्रमित द्वारा शादी किए जाने की सूचना पर रुकवाई थी। इसका उपचार भी स्वास्थ्य विभाग से चल रहा है। हालांकि पुलिस फिलहाल दूल्हा पक्ष पर लड़की पक्ष की तरफ से शादी से पहले दहेज मांगने के लगाए गए आरोपों की ही छानबीन में जुटी है।
अधिकारी के अनुसार
लड़की पक्ष की तरफ से शादी से पहले दहेज मांगने की शिकायत दी गई है। इस संबंध में सदर पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है। फिलहाल मामले में छानबीन कर रहे हैं। इसके बाद ही इस संबंध में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- नरेंद्र, थाना प्रभारी।