भिवानी। किस्तों में खरीद की गई स्कूटी को जबरन उठवाए जाने के मामले में संबंधित बैंक के शाखा प्रबंधक सहित चार के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। जूई कलां पुलिस थाना में पुलिस ने केस दर्ज कर इसकी तहकीकात शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव ढांगर निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि उसने 30 हजार रुपये में स्कूटी खरीदी थी। इसकी 9770 रुपये किस्त एडवांस दी गई थी। उसे स्कूटी की 36 किस्त भुगतान करनी थी। स्कूटी की किस्त समय पर अमित कुमार उसके घर से आकर ले जाता था। उसकी पत्नी धर्मा देवी बीमार होने की वजह से वह चार माह की किस्त नहीं भर पाया।
उसके पास दादरी से बैंक कर्मचारी का फोन आया। उसने आधार कार्ड भेजने के लिए बोला, लेकिन वह आधार कार्ड नहीं भेज पाया। अमित को दस हजार रुपये दिए थे। अमित ने कहा था कि उसकी एनओसी करा दी जाएगी। लेकिन दस हजार रुपये देने के बाद भी उसकी स्कूटी को बैंक शाखा प्रबंधक के कहने पर कुछ लोग जबरन उठाकर ले गए। उसने फोन पर मैनेजर कुलदीप से बात की तो उसने कहा कि 31,600 रुपये में स्कूटी बेच दी है। उसे वापस चाहिए तो 38,033 रुपये देने होंगे। इस पर उसने इस मामले की सीएम विंडो में भी शिकायत दी।
उसने बताया कि उसकी पत्नी बीमार होने की वजह से उसका बेटा 24 दिसंबर को दवाई लेने गया था। जहां जूई में कुछ लोगों ने उसके बेटे से स्कूटी जबरन छीन ली थी। स्कूटी छीनने वालों ने कहा कि उन्हें कुलदीप मैनेजर ने भेजा है। इस संबंध में मामले की शिकायत जूई कलां पुलिस थाना में दी। पुलिस ने मैनेजर सहित चार लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।