भिवानी। पंचायत भवन में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। किरण ने कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना पूरा करने के लिए पंचायतों की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए पंचायतों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति इस अभियान में अपना सकारात्मक योगदान दें। इससे प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार किया जा सकें।
उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त गांव बनाने में अहम योगदान देने वाली टीबी मुक्त पंचायतों के सरपंच बधाई के पात्र हैं। इन पंचायतों की तरह जिले की सभी पंचायतें अपने-अपने गांवों को टीबी मुक्त बनाने में सहयोग करें। इसके अलावा ग्राम पंचायतों से आह्वान किया कि वे जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, बेटियों की शिक्षा, नशा मुक्ति और पर्दा प्रथा जैसी सामाजिक कुप्रथाओं को मिटाने पर विशेष ध्यान दें। जिले में 2018 से अब तक टीबी मरीजों के खातों में करीब साढ़े छह करोड़ रुपए डीबीटी के माध्यम से डाले जा चुके है।
जिले की 116 ग्राम पंचायतों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इसी के तहत उन्हें सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर नगराधीश अनिल कुमार, बीडीपीओ सोमबीर कादयान, विनोद सांगवान, सुमित बेनीवाल, एडवोकेट हरी सिंह सांगवान, ठा. अमर सिंह, प्रदीप गोलागढ़, जयसिंह वाल्मीकि, वासु शर्मा, सत्यनारायण शर्मा, सुनील भारीवास, कुलदीप मनसरवाल, कृष्ण संडवा, महेंद्र नंबरदार आदि मौजूद रहे।
सम्मानित होने वाली ग्राम पंचायतों का विवरण
राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी ने तोशाम ब्लॉक की सात ग्राम पंचायतों को रजत पदक, नौ ग्राम पंचायतों को कांस्य पदक, कैरू ब्लॉक में एक को रजत और 12 को कांस्य पदक, बवानीखेड़ा ब्लॉक में तीन ग्राम पंचायतों को रजत व सात को कांस्य पदक दिया गया। वहीं सिवानी ब्लॉक में 12 ग्राम पंचायतों को रजत व 16 को कांस्य पदक, लोहारू ब्लॉक में 16 ग्राम पंचायतों को रजत व आठ को कांस्य पदक, बहल ब्लॉक में तीन ग्राम पंचायतों को रजत व सात को कांस्य पदक, भिवानी ब्लॉक में 15 ग्राम पंचायतों को कांस्य पदक से सम्मानित किया। इसके अलावा राज्यसभा सदस्य ने टीबी मुक्त अभियान में विभिन्न अस्पतालों, ट्रस्ट व अन्य संस्थाओं के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी सराहनीय कार्य करने पर सम्मानित किया।
राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में भिवानी जिला प्रदेश में शीर्ष पर : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य व उप सिविल सर्जन डॉ. सुमन विश्वकर्मा ने राज्य सभा सदस्य किरण चौधरी व डीसी महावीर कौशिक व अन्य अतिथियों का स्वागत किया। सिविल सर्जन ने कहा कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में भिवानी जिला प्रदेश में शीर्ष पर है। जिले में टीबी मरीजों की जांच के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं व दवाइयां उपलब्ध हैं। वर्ष 2024 में कुल 43,171 टेस्ट किए गए। इनमें 932 मरीज पॉजिटिव पाए गए। निक्षय पोषण योजना के तहत नवंबर 2024 से एक हजार रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। जिले के सभी ब्लॉकों से टीबी मुक्त पंचायत अभियान के मापदंडों अनुसार वर्ष 2023 में 59 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था। वहीं वर्ष 2024 में 116 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। उन्होंने आमजन से आह्वान करते हुए कहा कि टीबी के लक्षण होने पर तुरंत जांच करवाएं व पूरा ईलाज ले तथा डॉक्टर की सलाह के बाद ही इलाज बंद करें।
स्वास्थ्य ही सबसे से बड़ा धन : डीसी
डीसी महावीर कौशिक ने कहा कि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। स्वस्थ व्यक्ति ही विकास कार्यों में सहयोगी हो सकता है। इसलिए जिले में टीबी मुक्त सम्मान पाने वाली ग्राम पंचायतें अपने-अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर अन्य बीमारियों से भी मुक्त होने में कार्य करें। टीबी की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा वर्ष 2018 में टीबी फ्री भारत अभियान की शुरुआत की गई। भारत में वर्ष 2024 में टीबी के कुल 26 लाख 18 हजार 953 मरीज थे। जिसमें हरियाणा में कुल 86,628 मरीज और भिवानी में कुल 3096 मरीजों ने इलाज लिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में 59 पंचायतें व 2024 में 116 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुई है।
जल्द ही होगा मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा : किरण
राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी के साथ मिलकर भिवानी जिले के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज का अधिकतर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। स्वास्थ्य सुविधाएं शुरू की गई है। अतिशीघ्र मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा और लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए रोहतक व दिल्ली जैसे अन्य शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।