भिवानी। शहर की सरकार यानी नगर पार्षदों की कमेटी भंग होते ही शहर में कुछ नया करने के लिए तैयार प्लान फाइलों में दब गए है। शहर को वाईफाई करने, घर-घर से कचरा उठाने लिए ऑटो की खरीद, संडे मार्केट, कम्यूनिटी सेंटर निर्माण समेत अनेक प्रोजेक्ट फाइलों में दबकर रह गए है। नप अधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशों अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं बिना नाम लिए कुछ ने बताया कि यहां कर्मचारियों को वेतन देने के लिए बजट नहीं कहां से शुरू करें वाईफाई।
वाईफाई प्रोजेक्ट: सवा लाख लोगों को मिलना था फायदा
नगर परिषद ने निवर्तमान चेयरमैन भवानी प्रताप के कार्यकाल में पूरे शहर को वाईफाई करने का प्लान बनाया। डेमो के लिए टेंडर भी आमंत्रित किए। करीब 10-11 लाख रुपये इंस्टालेशन खर्च और करीब दो लाख रुपये मासिक खर्च आना था। जनवरी में यह सुविधा देने का प्लान बनाया गया मगर शहर की सरकार का कार्र्यल खत्म होते ही प्रोजेक्ट फाइलों में दब गया।
फाइलों में दबी घर-घर से कचरा उठाने के लिए ऑटो की खरीद
नगर परिषद ने आम बजट बैठक में शहर को साफ सुथरा बनाने के लिए हर घर से कचरा उठान का प्लान बनाया। इसके लिए आठ ऑटो की खरीद का निर्णय लिया गया। जो सुबह माइक के साथ प्रत्येक कॉलोनी की गली-गली जाए और कचरे को गली में न आने दे। प्रस्ताव पास कर ऑटो खरीद की मंजूरी के लिए प्रपोजल उपायुक्त के पास भेजा गया। करीब 25 लाख से ये आटो खरीदे जाने थे। कमेटी भंग होते ही यह प्रपोजल भी फाइलों में दब गया है।
संडे मार्केट खुलने से पहले बंद
नगर परिषद के आय के संसाधन कम है। आय के संसाधन बढ़ाने के लिए कुछ प्लान बनाए गए। जिनमें किरोड़ीमल पार्क में संडे मार्केट लगाने का भी एक था। इस प्लान के तहत संडे को मार्केट बंद होने के चलते जो लोग खरीददारी करना चाहते है, उनके लिए अलग मार्केट लगवाई जाए। इसमें दुकानदारों को ही लाइसेंस दिए जाने थे। बैठक में पास होने के बावजूद यह प्रपोजल फाइलों में दब गया है।
75 कर्मचारियों की नहीं हुई नियुक्ति
सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण पिछले वर्ष 75 कर्मचारी अनुबंध पर भर्ती किए गए थे। 31 दिसंबर को इन सफाई कर्मचारियों का अनुबंध खत्म हो गया। नप की आम बैठक में इनका कार्यकाल बढ़ाने के लिए प्रपोजल पास कर भेजा गया। कमेटी भंग होने के बाद इनका कार्यकाल आगे नहीं बढ़ पाया और इन्हें हटा दिया गया। अब भी कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव फाइलों में दबा है।
अंधेरे में शहर
शहर की अधिकतर कॉलोनियां अंधेरे में है। कुछ क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट है मगर वहां तार का कनेक्शन नहीं होने के कारण लाइट नहीं जल रही। नप की बैठक में इस समस्या के समाधान के लिए तार की खरीद, लाइट खरीद का प्रस्ताव पास हुआ। मगर अब यह यह मामला फाइलों में दबा है।
वर्जन::::
ऑटो की खरीद, 75 सफाई कर्मचारियों की भर्ती का प्रपोजल उपायुक्त के पास है। वाईफाई व अन्य प्रपोजल पर भविष्य पर विचार किया जाएगा।
संजय यादव, सचिव, नगर परिषद
वर्जन:::
हमारा प्रयास था कि शहर की सफाई के लिए ऑटो खरीद, संडे बाजार, वाईफाई जैसे प्रोजेक्ट उनके कार्यकाल में ही शुरू हो मगर ऐसा नहीं हो पाया।
भवानी प्रताप, निवर्तमान चेयरमैन, नगर परिषद