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Bhiwani News: जीवनशैली में बदलाव कर उच्च रक्तचाप के खतरे को बढ़ने से रोक जा सकता है

Thu, 16 May 2024 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी। उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) गंभीर समस्याओं में से एक है। यह हृदय रोगों का कारण भी हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि उच्च रक्तचाप पहले उम्र बढ़ने के साथ होता था पर अब कम उम्र के लोगों को भी ये समस्या हो रही है।
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जिला नागरिक अस्पताल के फिजिशियन ने बताया कि जीवनशैली में बदलाव कर उच्च रक्तचाप के खतरे को बढ़ने से रोक जा सकता है। उच्च रक्तचाप के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उच्च रक्तचाप की समस्या में धमनियों में रक्त का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। जो हार्ट के लिए खतरे का संकेत है। इससे स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि डाइट और लाइफस्टाइल पर ध्यान देकर काफी हद तक इस समस्या को कंट्रोल में रखा जा सकता है। इसके साथ ही 30 की उम्र के बाद नियमित रूप से जांच भी करवाते रहना जरूरी है।
चिकित्सक ने बताया कि यह समस्या 18 से ऊपर के लोगों को ज्यादा होती है। पर अब 14 से साल से ऊपर तक के बच्चों में भी यह समस्या देखने को मिलती है। इंसान के शरीर में किसी भी तरह की बीमारी है तो उसे बीपी होने का खतरा रहता है। वहीं जिन्हें गुर्दे में दिक्कत है उन्हें भी यह समस्या होती है। इसके साथ ही चिकित्सक ने बताया कि अस्वास्थ्यकर जीवनशैली के कारण ब्लड प्रेशर की समस्या के शिकार कम उम्र के लोग भी होते जा रहे हैं। नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम की कमी, आहार में सोडियम की अधिकता, जंक-फास्ट फूड का अधिक सेवन उच्च रक्तचाप के जोखिम को बढ़ा सकता हैं। गर्भावस्था के दौरान भी हाई ब्लड प्रेशर का खतरा हो सकता है। इस तरह की लाइफस्टाइल ब्लड प्रेशर के खतरे को बढ़ा सकती है।
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ब्लड प्रेशर को कम करने के सुझाव गए उपाय

मोटापे को कंट्रोल में रखें


मोटापा बढ़ने से उच्च रक्तचाप के अलाव मधुमेह और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है। शारीरिक रूप से ठीक रहने के लिए खान पान को ठीक करके मोटापे को कंट्रोल किया जा सकता है। मोटापे को कंट्रोल रखने से उच्च रक्तचाप होने का खतरा कम रहता है।
संतुलित आहार का सेवन
संतुलित आहार स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मददगार हो सकता है। आहार में सोडियम, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा को कम करके आप रक्तचाप को कंट्रोल कर सकते हैं। बीपी को ठीक रखने के साथ कई अन्य बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए आहार में मौसमी सब्जियों, फलों, साबुत अनाज का सेवन करे, ये आपको स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है। नमक का अधिक सेवन बीपी के जोखिमों को बढ़ाने वाला हो सकता है।
व्यायाम

हर रोज व्यायाम करना ब्लड प्रेशर के खतरे से बचाने के लिए मददगार हो सकता है। व्यायाम करने से हृदय रोग-डायबिटीज के जोखिम और प्रभावों को कम किया जा सकता है। जो लोग सारा दिन कुर्सी पर बैठकर काम करते है और कोई भी शारीरिक क्रिया नहीं करते हैं। उनमें बीपी व अन्य बीमारियां होने का खतरा रहता है।

मानसिक तनाव
आज के समय में युवा पीढ़ी मानसिक तनाव में बहुत जल्द आ जाती है। इससे उन्हें गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है। इसके साथ ही किशोर अवस्था में बच्चे मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं। इसके कारण उन्हें बीपी होने का खतरा रहता है। मानसिक तनाव से उच्च रक्तचाप बढ़ जाता है। इससे युवाओं में हृदय संबंधी शिकायतें भी आ रही हैं। ऐसे में मानसिक तनाव से निकलने के लिए चिकित्सक से परामर्श लें।
आज के समय में हर इंसान की जीवनशैली बदल गई है। लोगों ने कसरत करना छोड़ दिया है। जिस वजह से उन्हें कई तरह की बीमारियां हो रही हैं। इनमें से एक उच्च रक्त चाप का खतरा बना है। खान पान पर ध्यान देना, कसरत करके, किसी भी प्रकार की टेंशन न लेकर इस समस्या से दूरी बनाई जा सकती है। अगर किसी को यह समस्या है तो समय पर इलाज करवाएं व चिकित्सक द्वारा बताई गई दवाइयों का सेवन समय पर करें।
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-डॉ. यतिन गुप्ता फिजिशियन, जिला नागरिक अस्पताल, भिवानी
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