अनाज मंडी के गेट के सामने भी अवैध निर्माण पर पीला पंजा चलेगा। लोहारू रेलवे ओवरब्रिज पर कंस्ट्रक्शन कंपनी ने पिलर तैयार कराने का काम शुरू भी कर दिया है। इसके लिए बोरिंग मशीन काम पर लगी है। वहीं 72 साल पुराने रेलवे ओवरब्रिज को तोड़ने के लिए अभी प्रशासनिक मंजूरी नहीं मिली है। मंजूरी मिलने के बाद ही पुराना पुल तोड़ने का काम शुरू होगा। इसमें लोहारू और दादरी की तरफ से आने वाले वाहनों का रूट भी डायवर्ट होगा।
देवसर चुंगी रेलवे फाटक के समीप हालुवास गेट से अनाज मंडी गेट तक लोहारू रोड पर नया रेलवे ओवरब्रिज फोरलेन की तर्ज पर बनेगा। करीब 40 करोड़ की लागत से 900 मीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज नवंबर 2024 तक बनकर तैयार होना है। रेलवे पुल निर्माण के लिए 196 पिलर तैयार होंगे। पुराना रेलवे ओवरब्रिज अभी तोड़ा जाना है, जिसके लिए संबंधित विभागों से तो मंजूरी मिल चुकी हैं, मगर अभी उपायुक्त के समक्ष इसकी फाइल लंबित हैं।
इसके बाद ही पुराने पुल का टॉप सेक्शन ध्वस्त किया जाएगा। देवसर चुंगी से अनाज मंडी तक रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य में करीब 32 से अधिक अवैध निर्माण भी चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें जल्द हटाया जाएगा। इसके लिए डिमार्केशन का काम चल रहा है। रेलवे की पूनिया और जेएस कंस्ट्रक्शन एजेंसी ने काम शुरू कर दिया है। पुल बनाने में करीब 196 पिलर तैयार होंगे। इसे जमीन में करीब 100 फुट की गहराई तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद पुल का ढांचा इन्हीं पर टिकेगा।
डिस्पोजल की सीवर और बरसाती लाइनें होंगी शिफ्ट, मसौदा तैयार
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की देवसर चुंगी मुख्य डिस्पोजल की सीवर और बरसाती लाइनें भी शिफ्ट होंगी। डिस्पोजल की ये लाइनें लोहारू रोड पर भिवानी-घग्गर ड्रेन तक जाती हैं। पुराने पुल के साथ ही नया ढांचा तैयार किया जा रहा है। इस वजह से इन लाइनों को शिफ्ट किया जाएगा। इन लाइनों की शिफ्टिंग में आने वाला खर्च भी रेलवे ही भुगतान करेगा।
लाइनों को शिफ्ट किए जाने के लिए मसौदा तैयार हो चुका है। इसकी अंतिम बार जांच कराए जाने के बाद इसे मुख्यालय भेजा जाएगा। इसके बाद इन लाइनों को शिफ्ट कराए जाने के संबंध में काम शुरू करा दिया जाएगा।
- सुनील कुमार, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।
लोहारू रोड पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का काम शुरू करा दिया है। रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य में रेलवे की हद में आने वाले अवैध निर्माण हटाने के संबंध में नोटिस दिए गए हैं, जिन्हें अब जल्द हटवाया जाएगा, ताकि पुल निर्माण कार्य में किसी तरह की दिक्कतें न आएं।
-सुरजीत सिंह, सहायक अभियंता रेलवे विभाग।