करनाल के रावर गांव में बड़ी नहर टूटने से भिवानी में पहले से पेयजल संकट झेल रहे शहरवासियों के सामने और भी विकट हालात पैदा हो जाएंगे। क्योंकि टूटी हुई नहर को ठीक करने में तीन से चार दिन का समय और लगेगा, तब तक सूख चुके वाटर टैंकों में बचे हुए पानी से ही काम चलाना होगा। ऐसे हालातों में शहर को एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की आपूर्ति की तैयारी हो गई है।
फिलहाल पूरे शहर को 15 से 20 मिनट की पानी की राशनिंग यानी पेयजल सप्लाई में कटौती का सामना करना पड़ रहा है। अचानक नहरी पानी नहीं मिलने की सूचना के बाद पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों के माथे पर भी सिकन आ गई और उनके सामने पूरे शहर को पानी की आपूर्ति देने की बड़ी चुनौति को खड़ा देखकर अभी से पसीना छूटने लगा। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भी करनाल में नहर टूटने के बाद भिवानी जिले के नहरी पानी को प्रभावित होने के बाद उच्चाधिकारियों से बातचीत की। बताया जा रहा है कि करनाल में अचानक नहर टूटने से आसपास के गांव पानी में डूब गए वहीं सुंदर गु्रप की मिताथल व गुजरानी फीडर में पानी नहीं पहुंचा।
सिंचाई विभाग के शेडयूल के हिसाब से 15 से 22 मई तक सुंदर गु्रप की नहरों में पानी चलना था। इस नहर में पानी आने के बाद ही शहरी व ग्रामीण इलाकों के वाटर टैंकों को भरा जाना था। लेकिन निर्धारित शेड्यूल के हिसाब से 16 मई की दोपहर बाद तक सुंदर गु्रप की नहर में पानी तो पहुंच गया। लेकिन इसी दौरान करनाल के रावर गांव में बड़ी नहर अचानक टूट गई। यमुना नदी से मोहला हैड से वाया करनाल होते हुए ही भिवानी जिले की लाइफलाइन कहलाने वाली सुंदर गु्रप की नहरों में पानी आता है। मगर करनाल में हुए हादसे के बाद भिवानी सुंदर गु्रप नहरों का पानी बंद हो गया। अचानक पानी बंद होने से सूखे पड़े जलघर ठीक से गिले भी नहीं हो पाए।
60 एमएलडी की जगह 40 से 45 एमएलडी पानी हो रहा सप्लाई
पूरे शहर में 60 एमएलडी पानी रोजाना सप्लाई की डिमांड बनी है, जबकि जलघर टैंक सूखने के कारण 40 से 45 एमएलडी पानी ही आपूर्ति में मिल रहा है। महम रोड स्थित पुराने जलघर के टैंक सूख चुके हैं, जबकि पुराने शहर को निनान वाटर वक्र्स से अतिरिक्त पानी लेकर पेयजल आपूर्ति का काम चलाया जा रहा है। लेकिन निनान जलघर में भी अब तीन से चार दिन सप्लाई का पानी ही बचा है। यही हाल डालर कॉलोनी के वाटर टैंकों का है, जहां पर मुश्किल से चार से पांच दिन ही काम चल सकता है।
पहले से झेल रही शहर की ये कॉलोनी पेयजल संकट
गर्मी के मौसम में शहर के लोहड़ बाजार, हालु बाजार, राजीव कॉलोनी, नेताजी कॉलोनी, सेसन कॉलोनी, इंद्रा कॉलोनी, पुराना हाउसिंग बोर्ड, पटेल नगर, विद्या नगर, कीर्ति नगर, डीसी कॉलोनी, लघु सचिवालय परिसर व राजस्व कॉलोनी में पानी का संकट बना है। इसी तरह जीतुवाला जोहड़, डाबर कॉलोनी, लाजपत नगर, देवनगर, कृष्णा कॉलोनी, हालुवास गेट, हनुमान गेट, हनुमान ढाणी, अमर नगर टिब्बा बस्ती, बीटीएम बुस्टर, न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पानी की किल्लत है। उधर बैंक कॉलोनी, एमसी कॉलोनी, भारत नगर, विकास नगर, न्यू डिफेंस कॉलोनी, कोंट रोड, ढाणा रोड, दादरी गेट प्रणामी मंदिर, डोभी तालाब क्षेत्र, लोहड बुस्टर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में भी पानी की कमी है।
सुंदर ग्रुप की नहरों में 15 से 22 मई तक निर्धारित शेडयूल के हिसाब से 2200 क्यूसिक पानी की डिमांड थी और नहर में पानी भी पहुंच गया था। लेकिन करनाल के रावर गांव में अचानक नहर टूट गई। रविवार देर शाम तक नहर में पानी नील हो गया और इसके बाद तीन से चार दिन तक नहर रिपेयरिंग के काम में लगेंगे। 22 मई के शेडयूल के बाद तीन से चार दिन इस गु्रप में अतिरिक्त पानी की मांग की जाएगी, ताकि सभी जलघरों में पानी की आपूर्ति दी जा सके।
-दलीप सिंह चेरवाल, कार्यकारी अभियंता यमुना जल सेवाएं परिमंडल।
पुराना जलघर के वाटर टैंक सूख चुके हैं। फिलहाल टैंकों तक नहरी पानी पहुंचाया जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात हुई हैं, सोमवार को नहर में पानी की स्थिति स्पष्ट होगी। अगर नहर में आगे पानी की आपूर्ति नहीं मिलती है तो फिर उस स्थिति में एक दिन छोडक़र एक दिन पानी की आपूर्ति का शेडयूल बनाएंगे। नहरी पानी पूरा मिलने की सूरत में कोई कटौती नहीं होगी।
-कपिल श्योराण, जेई शहरी पेयजल शाखा भिवानी।