बिहार जाने वाले प्रवासी मजदूरों को जैसे ही भनक लगी कि 18 मई को जाने वाली स्पेशल ट्रेन पांच दिन बाद अब 22 मई को जाएगी तो मजदूर भडक़ उठे। प्रवासी मजदूरों ने आश्रम के अंदर ही हंगामा खड़ा कर दिया। प्रवासी मजदूरों को पुलिस ने काबू किया वहीं मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार रामचंद्र ने मजदूरों को समझाया। हालांकि इसके बाद काफी संख्या में मजदूर पैदल ही सिर पर सामान रखकर नेशनल हाइवे पर चल पड़े।
जिले भर से प्रवासी मजदूरों को बिहार, यूपी और मध्यप्रदेश भेजने के लिए स्पेशल ट्रेनें और रोडवेज बसों के जरिए व्यवस्था की जा रही हैं, लेकिन लगातार मजदूरों के रजिस्ट्रेशन बढ़ते ही जा रहे हैं। इसी के साथ प्रशासन ने भी शहरी दायरे के सेल्टर होम बंद कर गुजरानी मोड़ संत रामपाल आश्रम में ही ठहरने की व्यवस्था की हुई हैं। यहां पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और मेडिकल कराने वाले मजदूरों के पास फोन पर मैसेज आने के बाद ही उन्हें घर भेजने की व्यवस्था की जा रही है। मगर सेल्टर होम में पिछले तीन से पांच दिन से घर जाने के इंतजार में प्रवासी मजदूर यहां पर ठहरे हुए हैं। सेल्टर होम में ठहरे प्रवासी मजदूर तारकेशवर यादव, मुन्नालाल, कैशव कुमार, रामजीलाल, दयाकिशोर का कहना है कि पहले ट्रेन 18 मई को जाने की जानकारी दी थी। तीन दिन से वे यहां पर ठहरे हुए हैं, मगर अचानक अब उन्हें घर जाने के लिए पांच दिन और इंतजार करने के लिए बोला गया है। प्रशासन उनके साथ घर भेजने के नाम पर आंखमिचौनी खेल रहा है, यहां पर उनका पलपल भारी हो रहा है। हमें जैसे तैसे घर भिजवाएं, क्योंकि रजिस्ट्रेशन के साथ साथ मेडिकल की सभी औपचारिकताएं उनकी पूरी हो चुकी हैं।
आश्रम कमेटी कर रही प्रवासी मजदूरों ठहरने और खाने की व्यवस्था
गुजरानी मोड़ स्थित संत रामपाल आश्रम के प्रबंधक बलवान दास व धर्मपाल दास ने बताया कि प्रवासी मजदूरों के लिए ठहरने और खाने पीने की व्यवस्था आश्रम की तरफ से की जा रही है। जब से प्रशासन ने यहां पर प्रवासी मजदूरों को ठहराने के निर्देश दिए थे, तभी ये यहां पर आश्रम प्रबंधन समिति की ओर से ही व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन मजदूरों को यहां लाता है और फिर उनके ले जाने की व्यवस्था कर रहा है, जबकि ठहरने और उनके खाने पीने सहित अन्य व्यवस्थाएं आश्रम की ओर से हैं।
आश्रम में लगातार आ रहे हैं बाहर से प्रवासी
गुजरानी मोड़ सतलोक आश्रम में बाहर से भी प्रवासी मजदूर लगातार आने का सिलसिला जारी है। आश्रम के बाहर ही प्रत्येक मजदूर को टोकन दिया जा रहा है। इस टोकन के जरिए यहां मजदूरों की गिनती और उनके भेजने की व्यवस्था की जा रही है। जो मजदूर यहां नहीं ठहरना चाहते हैं, वे अपनी मर्जी से भी यहां से पैदल ही पलायन कर रहे हैं। क्योंकि प्रशासन की तरफ से ऐसी कोई बंदिश यहां नहीं लगाई गई हैं कि वे आश्रम में ही रहेंगे।
150 प्रवासी मजदूरों को लेकर बागपत गई रोडवेज की चार बसें
भिवानी बस स्टैंड से रविवार सुबह चार रोडवेज बसें करीब डेढ़ सौ प्रवासी मजदूरों को लेकर यूपी के बागपत जिला में गई। बस में प्रवासी मजदूर परिवारों में महिलाओं के साथ छोटे बच्चे भी थे। जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार मोहनलाल व एसडीएम आफिस से भी कर्मचारी बस स्टैंड पर प्रवासी मजदूरों को घर भिजवाने पहुंचे। रोडवेज डिपो महाप्रबंधक गुलाब सिंह दूहन द्वारा जरूरत के हिसाब से रोडवेज बसें उपलब्ध कराई गई। रविवार को ही भिवानी से पंचकूला के लिए बहाल किए गए रूट पर आनलाइन बुकिंग कराने वाले 29 सामान्य यात्रियों के साथ रोडवेज की एक बस भेजी गई। दरअसल एक दिन भिवानी से पंचकूला और अगले दिन पंचकूला से भिवानी रोडवेज की बस पहुंच रही है।
प्रवासी मजदूरों को उनके गृह जिलों में भेजा जा रहा है। आज भी रोडवेज की बस बिहार के बागपत के लिए प्रवासी मजदूरों को लेकर गई है। ऑनलाइन भी रजिस्ट्रेशन हो रहा है। जिला प्रशासन प्रवासी मजदूरों को ठहरने और उनके घर भिजवाने के पूरे इंतजाम कर रहा है।
-महेश कुमार एसडीएम भिवानी।
जिला प्रशासन की तरफ से उन्हें मैसेज मिला था कि 18 मई को बिहार जाने वाली स्पेशल मजदूर ट्रेन अब 22 मई को जाएगी। जबकि 19 मई को मध्यप्रदेश के लिए स्पेशल ट्रेन जाएगी। इसकी जानकारी मजदूरों को दी गई है। मजदूरों को लगातार हालातों से अवगत कराया जा रहा है और उन्हें घर भेजा जा रहा है।
रामचंद्र, ड्यूटी मजिस्ट्रेट व नायब तहसीलदार भिवानी।