प्रतियोगिता में बॉक्सर साक्षी ढांडा को विजेता घोषित करते रेफरी।
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। भोपाल में 20 से 26 दिसंबर तक राष्ट्रीय महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप का आयोजन किया। इसमें देश के विभिन्न प्रदेशों के 360 महिला मुक्केबाजों ने भाग लिया। भिवानी से हाल ही में भारतीय सेना में भर्ती हुई गांव धनाना की बेटी वर्ग साक्षी ढांडा (52 किलो भारवर्ग) और भिवानी शहर की मुक्केबाज नुपूर श्योराण (81 किलो प्लस भारवर्ग), प्रीति बडे़सरा (54 किलो भारवर्ग) ने अपने शुरुआती मैच जीत लिए हैं। अनफिट होने की वजह से मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया और नीतू घनघस ने इस चैंपियनशिप में भाग नहीं लिया।
भारतीय सेना की ओर से मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भाग लेने वाली साक्षी ढांडा हरियाणा की पहली मुक्केबाजी बन गई है। उनका अब अगला मुकाबला तमिलनाडु की मुक्केबाज स. दीपा के साथ शुक्रवार को होगा। वहीं वीरवार को हुए मुकाबले में साक्षी ने अपने प्रतिद्वंद्वी को लगातार पंच जड़े, जिसे पर रेफर ने आरएससी कर उन्हें विजेता घोषित कर दिया। वहीं वीरवार शाम को कोच संजय श्योराण की बेटी नुपूर ने भारतीय रेवले की ओर से 81 किलोग्राम प्लस में भाग लिया और जीत हासिल की। नुपूर श्योराण का अलग मुकाबला शुक्रवार को ऑल इंडिया पुलिस से मुक्केबाज सुषमा के साथ होगा।
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भारतीय सेना की ओर से मुक्केबाजी में भाग लेने वाली साक्षी ढांडा पहली महिला मुक्केबाज बन गई है। उन्होंने रिंग में अपने प्रतिद्वंद्वी को लगातार पंच जड़े, जिस पर रेफरी ने रेफरी स्टॉप कॉन्टेस कर उन्हें विजेता घोषित किया। प्रदेश के लिए यह गर्व की बात है कि हमारी बेटी सेना का प्रतिनिधित्व कर रही है। भिवानी से कई महिला मुक्केबाज पदक के साथ वापस लौटेंगी।
- राजनारायण पंघाल, प्रवक्ता, हरियाणा बॉक्सिंग संघ