भिवानी। होली के पर्व पर जहां हर कोई एक-दूसरे को रंग लगाकर बधाई दे रहा है। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो दूसरों की जिंदगी में असल के रंग ही भर रहे हैं। इनमें कुछ लोग रक्तदान के माध्यम से लोगों की जिंदगी बचाकर उन्हें फिर से नया जीवन दे रहे हैं। कुछ लोग पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से समाज में हरे-भरे रंग भर रहे हैं।
समाज में सकारात्मक सोच के साथ ये लोग दिन-रात जनकल्याण और परोपकार के कार्य में जुटे हुए हैं, जिसको हर कोई सराहनीय कदम बता रहा है। रक्तदान के माध्यम से इन्होंने गर्भवती महिला, सड़क हादसे में घायल, बीमारियों से ग्रस्त लोगों की मदद कर उन्हें जीवनदान दिया है। दूसरी ओर बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर काम कर कुछ लोग पर्यावरण संरक्षण का कार्य भी कर रहे है। इन जैसी महान विभूतियों के वजह से ही आज हम शुद्ध वातावरण में सांस ले रहे है और अपने परिवार, परिचितों के साथ होली का पर्व मना रहे है। (संवाद)
पर्यावरण और स्वच्छता अभियान में आगे लक्ष्मण गौड़
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रिवासा के अध्यापक लक्ष्मण गौण पर्यावरण संरक्षण को लेकर लंबे समय से अभियान चला रहे हैं। वे अब तक एक हजार से अधिक पौधरोपण कर चुके हैं। इसके साथ ही समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन भी कर रहे हैं। युवाओं सहित अन्य लोगों को मत के सही प्रयोग के लिए प्रति जागरूक कर रहे हैं। इसके लिए मतदान जागरूकता अभियान चल रहे है। आसपास के क्षेत्र में फैली गंदगी से निजात दिलाने के लिए पिछले 10 साल से स्वच्छता अभियान का संचालन कर रहे हैं।
प्यारेलाल ने 103 बार किया रक्तदान, दे रहे लोगों को जीवनदान
सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक प्यारेलाल दमकौरा को रक्तवीर के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1983 में एक गर्भवती महिला को रक्त की जरूरत थी, उस दौरान पहली बार रक्तदान किया था। इसके बाद कभी भी रक्तदान करने से पीछे नहीं हटे और दूसरों की जिंदगी में रंग भरने के लिए लगातार ही रक्तदान करने लग गए। अब तक 103 बार रक्तदान किया है। बढ़ती उम्र के बाद भी रक्तदान करने से नहीं रुके, लेकिन अब 69 वर्ष की आयु होने की वजह से चिकित्सकों ने रक्तदान करने से मना कर दिया। बावजूद इसके लोगों को रक्तदान करने के प्रति जागरूक कर रहे हैं और रक्तदान शिविरों में सेवाएं दे रहे है।
राजेश ने 105 बार रक्तदान कर बचाई जरूरतमंदों की जान
रक्तवीर राजेश डुडेजा अब तक 105 पर रक्तदान कर दूसरों की जिंदगी में खुशी के रंग भर चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1995 में पहली बार रक्तदान किया था। उस समय एक गर्भवती महिला को रक्तदान की जरूरत था, मगर लोहारू से जो रक्तदाता आ रहे थे, वे समय पर नहीं पहुंच पाए। सूचना मिलने पर नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में जाकर रक्तदान किया। अब तक 105 बार रक्तदान कर चुके हैं। इसके साथ ही 26 बार प्लेटलेट्स भी दान कर चुके हैं। साथ ही समय-समय पर युवाओं को रक्तदान के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण कर लोकेश भर रहे लोगों के जीवन में रंग
स्टैंड विद नेचर संस्था के संस्थापक युवा लोकेश भिवानी लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। संस्था के माध्यम से अब तक 3500 पौधे लगाए हैं, जिनमें से 3450 पौधे जीवंत अवस्था में है। संस्था देश के छह राज्यों सहित अफ्रीका में भी कार्य कर रही है। जलवायु परिवर्तन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हरियाणा प्रदेश में दो हजार किलोमीटर की साइकिल यात्रा की थी। इस दौरान 100 से अधिक सामाजिक संस्थाओं ने सम्मानित किया है। पर्यावरण संरक्षण के विषय पर चलाई इस मुहिम में 15 राज्यों में संपर्क अभियान भी चला था। इसके अलावा संस्था ने सीबीएलयू में नेचर व्यू नाम से पार्क भी बनाया है।
राजेश डुडेजा।- फोटो : Bhiwani
प्यारेलाल।- फोटो : Bhiwani
लक्ष्मण गौड़।- फोटो : Bhiwani