भिवानी में गेहूं की बिजाई करने के लिए अनाज मंडी में बीज लेने पहुंच रहे किसानों को धक्का-मुक्की व घंटों लाइन में लगे रहने के बाद बीज के कट्टे मिल पा रहे है। सुबह नौ बजे से ही हैफेड कार्यालय के बाहर किसानों की लंबी लाइन लगने से रोजाना आने वाले अलग-अलग किस्मों के गेहूं के बीज हाथों-हाथ बिक रहे हैं।
ऐसे में स्टॉक खत्म होने से पहले बीज खरीदने के लिए दूर-दराज क्षेत्र से किसान सवेरे आठ-नौ बजे ही वितरण केंद्र पर पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को हैफेड कार्यालय में डीबीडब्लयू-17 व डब्ल्यूएच-711 बीज के 500 बैग तीन घंटे में खत्म हो गए। लेट किसानों को बिना बीज लिए ही वापस लौटना पड़ा। गौरतलब है कि सरकार की ओर से किसानों को सब्सिडी पर बीज उपलब्ध कराया जा रहा हैं। 1200 रुपये के चालीस किलो वाले बैग को 800 रुपये में किसानों को दिया जा रहा है। एक किसान को बीज के अधिकतम पांच बैग ही दिए जा रहे हैं। कार्यालय प्रवक्ता सतबीर ने बताया कि किसानों को तुरंत बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। सभी किसानों के पास 500-1000 रुपये के नोट होने के कारण खुल्ले रुपयों न होने से थोड़ी परेशानी हो रही है।
खुल्ले रुपये न होने से दिए जा रहे चायपत्ती के पैकेट
गेहूं के बीज खरीदने आ रहे किसानों को खुल्ले रुपये न होने के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। आईडी प्रूफ के साथ 500-1000 रुपये के नोट लिए जाने के बाद खुल्ले रुपये न होने पर बकाया राशि की जगह चायपत्ती के पैकेट दिए सौंपे जा रहे है। देवसर निवासी किसान रमेश ने बताया कि उसने दो बैग गेहूं के बीज व दो कट्टे डीएपी के खरीदे। चार हजार रुपये देने पर बकाया 300 रुपये की जगह दो पैकेट चायपत्ती दे दी है। मना किया तो बोले खुल्ले रुपये ले आओ।
अब मंगलवार को ही मिलेंगे बीज
शनिवार, रविवार व सोमवार को सरकारी अवकाश होने के कारण बीज खरीदने के लिए किसानों को मंगलवार तक इंतजार करना होगा। तीन दिन की छुट्टी के कारण मंगलवार को बीज खरीदने के लिए किसानों के बीच जमकर मारामारी रहेगा।