प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेशक 500 व 1000 रुपये के नोट जमा कराने के लिए 50 दिनों का समय दिया हो। लेकिन, करेंसी एक्सचेंज कराने के लिए वीरवार को लोगों में जबरदस्त आपा-धापी मची। बैंकों के बाहर सुबह आठ बजे ही लंबी कतार नजर आईं। बैंक खुलते ही किसी भी बैंक में पांव रखने की जगह नहीं बची। दिनभर जिले के सभी बैंकों की ब्रांचों में अनुमानित एक लाख लोग अपनी करंसी एक्सचेंज कराने पहुंचे। करेंसी खत्म होने की वजह से आधे ज्यादा लोगों को निराश लौटना पड़ा। पहले दिन 15-16 करोड़ रुपये की करेंसी एक्सचेंज होने का अनुमान है। एटीएम के शटर दिनभर डाऊन रहे। 500 और 2000 के नए नोट यहां नहीं पहुंचे। बैंक अधिकारियों का कहना है कि नए नोट शुक्रवार को बैंकों में पहुंच जाएंगे।
वीरवार सवेरे आठ बजे से ही लोग पुरानी करेंसी जमा करवाने व करेंसी बदलवाने को लेकर बैंकों के खुलने का इंतजार करते दिखाई दिए। उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ने को लेकर पोस्ट ऑफिस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, ओरियंटल बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको आदि सभी बैंकों में पुरानी करेंसी बदलवाने व जमा करवाने को लेकर कैश काउंटरों की संख्या बढ़ाई गई। बावजूद इसके देर सांय तक उपभोक्ता घंटों तक इंतजार कर पुरानी करेंसी बदलवाने व जमा करने के लिए इंतजार करते दिखे।
वैकल्पिक व्यवस्था नाकाफी:
सभी बैंकों में पुरानी करेंसी बदलावाने व जमा करवाने को लेकर उपभोक्ताओं के लिए बनाई वैकल्पिक व्यवस्था नाकाफी साबित हुई। एसबीआई में दो काउंटर की व्यवस्था को बढ़ाकर आठ काउंटर बनाए गए। रुपये जमा करवाने, कैश बदलवाने, महिलाओं के लिए अलग-अलग से काउंटर की व्यवस्था रही। इसी तरह पीएनबी मे पांच काउंटरों, ओरियंटल बैंक में दो काउंटरों पर चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। इसके अलावा केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, एसबीबीजे, एक्सिस, आईडीबीआई अन्य सभी बैंकों में दो काउंटर से चार काउंटर की वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई।
दो बजे बाद बैंकों में कैश खत्म
दोपहर दो बजे के बाद से कई बैंकों में कैश खत्म होने से घंटों लाइन में लगे रहे उपभोक्ताओं को बिना करेंसी बदलवाएं लौटना पड़ा। पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक में कैश खत्म होने के बाद उपभोक्ताओं ने दूसरे बैंकों में जाकर पुरानी करेंसी बदलवाई। वहीं कुछ बैंकों में कैश कम होने पर उपभोक्ताओं को केवल दो हजार रुपये की राशि ही सौ रुपये के नोट में बदलकर दी गई।
उपभोक्ताओं ने विभिन्न बैंकों के लगाए चक्कर
बैंकों से अधिकतम 4000 रुपये की करेंसी बदल पाने की शर्त के कारण उपभोक्ताओं ने सभी बैंकों के चक्कर लगाए। कई उपभोक्ताओं ने अपने परिवार के सभी सदस्यों के नाम से फार्म भर कर व आईडी प्रूफ लगाकर विभिन्न बैंकों से 50 से 60 हजार रुपये बदलवाने में कामयाब रहे।
नोट बदलवाने में मारामार, रूटीन प्रभावित
वीरवार को बैंक खुलते ही सभी उपभोक्ताओं का रुझान केवल 500 व 1000 रुपये के नोट बदलवाने व जमा करवाने को रहा। इस कारण रूटीन काम प्रभावित हुआ। नए अकाउंट खोलने या चेक क्लीयरेंस आदि रूटीन काम को लेकर नाममात्र उपभोक्ता आने से बैंकों को पूरा ध्यान काउंटरों पर केंद्रित रखा। थोड़ी लेट लतीफी से रूटीन काम भी निपटाए गए।
खुल्ले रुपये खत्म, टिकटों को लेकर संकट
बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के सामने टिकट खरीदने को लेकर संकट रहा। टिकट काउंटरों पर खुल्ले रुपये होने तक यात्रियों से 500-1000 रुपये के नोट लिए गए, उसके बाद केवल खुल्ले रुपये देने वालों को ही टिकट दी गई। वहीं एटीएम सुविधा चालू न होने से भी लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
500 व 1000 रुपये के नोट बदलवाने व जमा करवाने के लिए सभी बैंकों में अतिरिक्त कैश काउंटरों की व्यवस्था की गई। जिले में करीबन 15-16 करोड़ रुपये (100-100 के नोट) की करेंसी बदलकर दी गई। बैंकों व एटीएम में नकदी, नई करेंसी शुक्रवार को आने की उम्मीद है। अगर ज्यादा जरूरत न हो तो उपभोक्ता जल्दबाजी न दिखाएं, 31 दिसंबर तक आसानी से 500-1000 रुपये के नोट जमा व बदलवा सकते है।
कुलजीत सिंह, लीड बैंक मैनेजर
पुराने नोटों से भर सकते है बिजली बिल
कस्बा स्थित बिजली सब स्टेशन कार्यालय में 11 नवंबर को बिजली बिल भरे जाऐंगे। निगम के सहायक प्रबंधक सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि उपभोक्ता बिजली के बिल पुराने 500 व 1000 के नोटों से भर सकते है। बिजली निगम द्वारा उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए यह विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होनें कहा कि बिजली बिल भरते समय उपभोक्ताओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।