देशव्यापी जलसंकट की आहट के बीच धनाना गांव की पंचायत ने पानी की अहमियत समझते हुए जल की बर्बादी करने वाले को सबक सिखाने का निर्णय लिया है। पानी का दुरुपयोग करने वालों पर पंचायत 11 सौ रुपये जुर्माना लगाएगी। गांव के जलघर पर नहाने वाले और कपड़े धोने वाले पर भी पंचायत अर्थ दंड लगाएगी। दूसरी बार पानी को बर्बाद करता पाया गया, पंचायत उसके खिलाफ पुलिस थाने में मामला दर्ज कराएगी।
मंगलवार को धनाना प्रथम ग्राम पंचायत ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया। बढ़ते जल संकट के मद्देनजर गांव की सरपंच सुनीता देवी ने जल बचाने की इस मुहिम की शुरूआत की। सुनीता ने पानी बचाने के लिए गांव में जागरूकता अभियान चलाए जाने का निर्णय लिया। ग्रामीणों से नलकूपों पर टोंटी लगवाने, बेवजह पानी न बहाने तथा पशुओं व कपड़े धोने पर ज्यादा पानी बर्बाद न करने का आह्वान किया जाएगा। पंचायत में लिये गए फैसलों के बारे में सुनीता ने बताया कि जलघर के टैंकों में जो भी युवा नहाता मिला या महिला कपड़े धोते पकड़ी गई तो उस पर 1100 जुर्माना लगाया जाएगा। अर्थ दंड के बावजूद कोई दोबारा पानी की बर्बादी करता पाया गया तो उसके खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया जाएगा। महिला सरपंच ने शासन व प्रशासन से इस मुहिम में सहयोग देने की गुजारिश भी की। पंचायत में कृष्ण प्रधान, समझो देवी, ईश्वर सिंह, अजीत सिंह, जयपाल सूबेदार, जसबीर पंच, शमशेर पंच, मूर्ति देवी, कुलदीप, काला आदि मौजिज उपस्थित रहे।
शपथ से पहले चलाया था सफाई अभियान
धनाना-प्रथम ग्राम पंचायत की सामान्य सीट से चुनी गई महिला सरपंच सुनीता ने चुनाव के दौरान गांव की साफ-सफाई का वादा किया था। सुनीता ने सरपंच पद की शपथ बाद में ली, पहले सफाई अभियान चलाया। इस पर एडीसी धीरेंद्र खङ़गटा ने खुद गांव जाकर सुनीता को सम्मानित किया था।
सरपंच सुनीता के अभियान काबिले तारीफ हैं। पानी की बर्बादी रोकना बेहद जरूरी है। इसके लिए पंचायत का निर्णय सराहनीय है। वे जल्द ही सुनीता देवी को उनके गांव में जाकर सम्मानित करेंगे और उनके अभियान में हर संभव मदद भी करेंगे।
घनश्याम सर्राफ, जनस्वास्थ्य मंत्री