भिवानी के सिवानी में देर रात बहल-झुप्पा मार्ग पर सैनीवास गांव के पास श्रद्धालुओं से भरी पिकअप डाला और ट्राला की टक्कर के घायल और मृतक सामान्य अस्पताल पहुंचे तो इंतजाम थोड़े पड़ गए। आनन-फानन में इमरजेंसी के मरीजों को वार्डों में शिफ्ट कर व्यवस्था बनाई गई तो सुबह-सवेरे ही फोन कर शवों के पोस्टमार्टम के लिए सभी डाक्टर बुलाए गए। हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई तो 12 घायल हो गए।
जिले के गांव सैनीवास गांव के खतरनाक मोड़ के पास रात करीब 12 बजे श्रद्धालुओं से भरी पिकअप गाड़ी और ट्राला की टक्कर हुई। सड़क निर्माण में जुटे मजदूर आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल ले जाने का काम शुरू हुआ। जिला अस्पताल आए मजदूर प्रमोद शर्मा, सोमबीर, श्याम सुंदर, संदीप और बलजिंद्र ने बताया कि वे सड़क निर्माण कर रहे थे तो अचानक यह हादसा हुआ। वे दौड़ कर वहां गए और तुरंत घायलों को उपचार के लिए अस्पताल लेकर गए।
ट्राला में सवार लुधियाना (पंजाब) की तहसील मछुवाड़ा के गांव हंबोबाल भेंट वासी सोमनाथ के परिवार के सदस्य गोगामेड़ी की पूजा करने राजस्थान के ददरेवा में गए थे। ट्राला में करीब 22 लोग सवार थे। जब वे पूजा कर वापस लौट रहे थे तो यह हादसा हो गया। हादसे के घायलों को सिवानी अस्पताल के बाद भिवानी लाया गया तो यहां हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मरीजों के लिए व्यवस्था की गई और कुछ चिकित्सकों को फोन कर बुलाया गया। हादसे के 12 घायल अस्पताल पहुंचे। जिनका इमरजेंसी में उपचार चल रहा है। पुलिस अधीक्षक प्रतीक्षा गोदारा, एएसपी फूल कुमार भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना।
कागजी कार्रवाई के चलते पोस्टमार्टम में लगा समय
सुबह पौने सात बजे ही सिविल सर्जन ने चिकित्सकों सर्जन कृष्ण कुमार, आरएमओ प्रदीप कुमार व कुछ अन्य डाक्टरों को पोस्टमार्टम के लिए बुला लिया था। चिकित्सक भी पहुंच गए मगर पुलिस के कागजात तैयार नहीं होने के चलते 12 बजे तक पोस्टमार्टम हुआ।
इनकी हुई मौत
हादसे में रवि (22), नंदी (20), सागर (18), रोशन लाल (35), गगू (11), शालू (15), मनप्रीत (32), राजा (13), दारा (28) की मौत हुई।
ये हुए घायल
हादसे में अनमोल (7), उसकी बहन मनीषा (12), ज्योति (13), सन्नी (13), गुरनाम (35), बलविंद्र (45), रानी (35), परमजीत (40), महिला सरबजीत देवराज, जसविंद्र, प्रभजोत घायल हुए।
तीन सगे भाइयों के परिवार के बुझ गए चिराग
पंजाब के जिला लुधियाना के गांव हंबोवाल भेट के तीन सगे भाइयों बलविंद्र, रोशन लाल और बिट्टू के परिवार पर ट्राला कहर बनकर टूटा। 35 वर्षीय रोशन लाल और उसका 15 वर्षीय लड़के शालू की हादसे में मौत हो गई तो रोशन लाल की पत्नी 33 वर्षीय रानी, उसकी बेटी 13 वर्षीय ज्योति घायल हो गए। हादसा बलविंद्र के पूरे परिवार को ही लील गया। 45 वर्षीय बलविंद्र स्वयं हादसे में बुरी तरह घायल हो गया तो उसके तीन लड़के करीब 23 वर्षीय रवि, करीब 20 वर्षीय नंदी और करीब 18 वर्षीय सागर की हादसे में मौत हो गई। हादसे में तीसरे भाई बिट्टू के 12 वर्षीय लड़के गगू की मौत हो गई तो उसका दूसरा बेटा सन्नी घायल हो गया। रोशन लाल के परिवार में ही भतीजे देवराज की पत्नी करीब 32 वर्षीय मनप्रीत की भी मौत हो गई। रोशन लाल स्वयं भी हादसे में घायल हुआ और उसका बेटा अनमोल व बेटी ज्योति को भी चोट आई।
धमाके के बाद समझ नहीं आया, क्या हुआ
वह अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ परिवार की सुख-समृद्धि के लिए गोगामेड़ी राजस्थान गया था। पिकअप डाला गाड़ी में लकड़ी के फट्टे डाल कर दो हिस्से बनाए हुए थे। नीचे सब सो रहे थे। कुछ बैठे थे तो ऊपर सामान रखा था। रात करीब 12 बजे अचानक धमाका हुआ और वे नीचे गिरे। सभी चिल्लाने लगे। उसे समझ ही नहीं आया कि क्या हो रहा है। बच्चे चिल्ला रहे थे। उसने बच्चों को संभालना शुरू किया तो सभी के शरीर से खून बह रहा था। अचानक आए कुछ लोगों ने मदद शुरू की और अस्पताल लेकर गए। अस्पताल में अपने बच्चों, परिजनों को ढूंढा तो पता लगा कि परिवार के सात लोगों की मौत हो चुकी है। मेरी पत्नी की भी मौत हो गई। साथ ही आए दो अन्य भी हादसे का शिकार हुए।
(जैसा हादसे में घायल देवराज, रानी व सरबजीत ने बताया)