सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी आर्यवेश ने कहा कि केन्द्र सरकार ने नोटबंदी कर काले धन से देश में बढ़ रही अराजकता और असमानता पर लगाम लगाने का सराहनीय काम किया है। अब सरकार को शराबबंदी कर लोगों के चारित्रिक पतन को रोकना चाहिए। जिस दिन देश और प्रदेश को शराब जैसे बुरे व्यसन से मुक्ति मिल जाएगी, वास्तव में देश उस दिन ही स्वामी दयानंद के सपनों का भारत होगा।
बृहस्पतिवार को भिवानी के बहल में हसंराम सैनी के आवास पर शादी समारोह में पहुंचे स्वामी आर्यवेश ने कहा कि आर्य समाज प्रदेश को शराब से मुक्त करने के लिए 11 दिसंबर को जींद में विशाल सम्मेलन आयोजित करेगा। समाज के प्रबुद्ध लोग 9 अगस्त से इसकी तैयारियों में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने नोटबंदी कर एक सराहनीय कदम उठाया है। पर, अधूरी तैयारी के साथ लिए गए इस फैसले से आमजन को परेशानी हुई है। उन्होंने कहा कि धन, सत्ता, ऐश्वर्य एवं विलासता का जीवन जीने की चाह में कुछ तथाकथित संत और साधू लोगों की भावना से खिलवाड़ कर गोडिज्म (खुद को भगवान मानना) बने हुए है। ऐसे लोगों ने समाज सुधार में जुटे असली सन्यासियों की आस्था और विश्वास को भी संदेह के घेरे में ला दिया है।
सूरत से आए योग गुरू आचार्य हरपाल शास्त्री ने कहा कि कहा कि आर्य समाज देश के युवाओं से अपेक्षा करता है वो देश की प्रभुसत्ता को बरकरार रखने के लिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन करें तथा बुरे व्यसनों से बचकर अपनी ऊर्जा का देश और समाज सेवा के लिए उपयोग करें। इस अवसर पर फूलचंद आर्य मिठी, हंसराम सैनी, उमेश सैनी, पूर्व बीडीसी मेम्बर नरेश सांखला, आशुतोष आर्य, अंकुर मित्तल, मनमोहन मित्तल, कृष्ण वर्मा आदि मौजूद रहे।