भिवानी में बैंकों में 500 व 1000 के नोट बदलना बंद करने के बाद शुक्रवार को आश्चर्यजनक रूप से बैंकों के अंदर व बाहर लोगों की भीड़ नजर आई। विगत एक सप्ताह की बनिस्पत कैश की स्थिति सुधरने के बावजूद लोगों की कतार और लंबी रही। जिले की 238 ब्रांचों में अनुमानित 12 करोड़ रुपये बंटा। ग्रामीण इलाकों में कैश को लेकर भारी मारामारी मची है। नांधा गांव में ग्रामीणों ने जबरदस्त हंगामा किया। पुलिस के पहुंचने के बाद कुछ शांति बनी।
शुक्रवार सुबह बैंकों के बाहर आम दिनों से कुछ ज्यादा भीड़ दिखाई दी। कई बैंकों व एटीएम के बाहर लोगों की लाइन इतनी लंबी रही कि रोड से गुजरने वाला ट्रैफिक बाधित रहा। पीएनबी मेन ब्रांच, बैंक ऑफ बड़ौदा के अलावा घंटाघर स्थित बैंकों में बाहर सामान्य दिनों से ज्यादा लोग आए।
भीड़ में खड़े लोगों में ज्यादातर कैश लेने वाले थे, जमा कराने वालों की तादाद कम रही। कैश लेने वालों की संख्या बढ़ने के पीछे एक कारण यह भी रहा कि विगत 4-5 दिनों में कैश की उपलब्धता बेहद कम रही। कल केवल पांच करोड़ कैश बंटा था। लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर कुलजीत सिंह ने बताया कि एक्सचेंज लाइन कम होने से लोगों को कुछ राहत मिली। जिलेभर में अनुमानित 12 करोड़ रुपये वितरित किया गया। उन्होंने बताया कि एटीएम सुविधा भी बेहतर हुई है।
रुपये न मिलने पर नांधा में हंगामा
गांव नांधा के पीएनबी बैंक में रुपये न मिलने पर उपभोक्ताओं ने हंगामा किया। लोगों ने बैंक कर्मचारियों पर अपने चहेतों को रुपये देने के आरोप लगाए। स्वाइप मशीन के लिए कैश लेकर जा रहे बैंक कर्मी को लोगों ने घेर लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
नांधा बैंक से रुपये लेने आए किष्किंधा निवासी सत्यदेव, जयवीर, कृष्ण, राजकुमार, अभिदेव आदि ने आरोप लगाया कि बैंक कर्मचारी सिर्फ अपने चहेतों को रुपये दे रहे है। उनका कहना है कि वे तीन दिन से लाइनों में लग रहे है, लेकिन लाइनों में लगे लोगों का नंबर आने से पहले ही बैंक कर्मचारी अपने चहेतों की जेब भरने के बाद कैश खत्म होने के बाद बोल देते है जिसके कारण उन्हें दो हजार भी नहीं मिल नहीं पाते और मायूस होकर खाली हाथ ही लौटना पड़ता है। उनका आरोप है कि वे तीन दिन से देखते आ रहे है कि कुछ लोग बिना लाइन में लगे ही सीधे अंदर जाते है और हाथों-हाथ रुपये लेकर निकल जाते है। जिससे परेशान उपभोक्ताओं ने शुक्रवार को बगैर लाइन में लगे रुपये निकलवाने वाले एक व्यक्ति को घेरकर हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का कहना है कि उक्त व्यक्ति बैंक कर्मचारी एक महिला का पति है। हंगामे की सूचना पाकर बाढड़ा थाना
पुलिस ने मौके पर पहुंच कर लोगों को समझाया व हंगामे को शांत करवाया।
कम पहुंचता है कैश
बैंक प्रबंधक देवेंद्र जैन का कहना है कि हमारे पास कैश कम पहुंचता है ढाई से चार लाख रुपये पहुंचते है जो जल्द समाप्त हो जाते है। लोागों की चहेतों को कैश देने की बात गलत है। गलतफहमी की वजह से लोगों ने हंगामा किया है। लोगों ने जिस व्यक्ति को 40 हजार रुपये के साथ घेर कर हंगामा किया है, वह बैंक में बीसीए पद कार्यरत है जो बैंक से 50 हजार रुपये लेकर गांवों में जाकर स्वाइप मशीन द्वारा लोगों को दो-दो हजार रुपये वितरित करने का कार्य करता है।