एमसी कॉलोनी स्थित निजी कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले छात्र ने रविवार सुबह छत से छलांग लगा दी। घटना में छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया और परिजनों ने उसे उपचार के लिए पीजीआई रोहतक भर्ती करवाया। यहां भी वेंटिलेटर की सुविधा न मिलने पर जब परिजन उसे निजी अस्पताल ले जाने लगे तो बच्चे ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना से आह्त मृतक छात्र के परिजनों ने एकेडमी संचालक व पीजीआई स्टाफ पर उपचार करवाने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर बवाल काटा। मृतक छात्र गांव ईमलोटा का रहने वाला था। उधर कोचिंग सेंटर संचालक का कहना है कि बच्चे का यहां मन नहीं लग रहा था और वह वापस घर जाना चाहता था। इसी के चलते उसने यह कदम उठाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव ईमलोटा निवासी छात्र विचित्र (10) का परिजनों ने पांच दिन पूर्व ही शहर स्थित निजी कोचिंग सेंटर में दाखिला करवाया था। छात्र के दादा ने भीम सिंह बताया कि मंगलवार सुबह उन्हें फोन पर सूचना दी गई कि विचित्र ने छत से छलांग लगा दी और उसे गंभीर चोटें आई हैं। इसके तुरंत बाद परिजन मौके पर पहुंचे और उसे लेकर सीधा रोहतक पीजीआई पहुंचे। मृतक के दादा ने बताया कि कोचिंग सेंटर संचालक ने छात्र को घायलावस्था में अस्पताल में भर्ती करवाने की जहमत नहीं उठाई और परिजनों को सूचना देकर ही पल्ला झाड़ लिया। वहीं, रोहतक पीजीआई पहुंचने के दो घंटे बाद चिकित्सकों ने भी वेंटिलेटर न होने की बात कहकर अपने हाथ खड़े कर दिए। इस दौरान जब परिजन उसे निजी अस्पताल में ले जाने लगे तो छात्र ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसे आह्त मृतक के परिजनों ने पीजीआई स्टाफ व एकेडमी संचालक पर उपचार करवाने में कोताही बरतने का आरोप लगाया।
परिजनों ने विचित्र को दो-तीन दिन पहले ही एकेडमी में दाखिला दिलाया था। बच्चे का एकेडमी में मन नहीं लग रहा था और वह वापस घर जाना चाहता था। परिजनों के कहे अनुसार उसे यहां रखा जा रहा था। मंगलवार सुबह एकेडमी हॉस्टल से भागने के में प्रयास में उसने छत से छलांग लगा दी और यह हादसा हो गया।
अशोक कुमार, न्यू इंडियन एकेडमी संचालक