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जाट आंदोलन की आहट: प्रशासन अलर्ट, मॉक ड्रिल कर कमर कसी

Wed, 01 Jun 2016 12:24 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला
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जाट आरक्षण - फोटो : अमर उजाला
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जाट आरक्षण आंदोलन की आहट के बाद पुलिस प्रशासन ने उपद्रवियों से सख्ती से निपटने की तैयारी कर ली है। इस बार उपद्रव होने पर ड्रोन से निगरानी की जाएगी और उपद्रवियों को रोकने के लिए मिर्ची गैस, आंसू गैस और पानी की बौछार की जाएगी। जहां भी आंदोलन की सुगबुगाहट होगी, वहां ड्रोन से वीडियोग्राफी कराई जाएगी। आंदोलन और उपद्रवियों पर नजर रखने के लिए छह ड्रोन भिवानी पुलिस के पास पहुंच गए हैं। 
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जाट समेत छह जातियों के आरक्षण पर हाईकोर्ट की अंतरिम रोक लगने के बाद जाट नेताओं की आंदोलन की हुंकार के मद्देनजर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां करनी शुरू कर दी है। इस कड़ी में सभी हथियारों की रिहर्सल की जा रही है। आंसू गैस या लाठी ही नहीं मिर्ची गैस, पानी की बौछारों के अलावा हैंड ग्रेनेड, सेल राइफल भी तैयार की गई है। पिछली दफा उपद्रवियों की पहचान नहीं हो पाई थी। इस बार पहचान के लिए भी विशेष तैयारी की गई है। यह है ड्रोन से रिकार्डिंग। इस बार छह ड्रोन मंगवाए गए हैं। ऊंचाई से उपद्रवियों की रिकार्डिंग की जाएगी ताकि उनकी पहचान हो सके। 

मॉक ड्रिल में पुलिस जवानों ने बहाया पसीना
दंगों से निपटने खासकर उपद्रवियों की अचानक आने वाली भीड़ और पथराव से निपटने के लिए पुलिस के जवानों ने पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल किया। डीसी, एसपी की देखरेख में पुलिस लाइन में गोलियां चलाई गई। आंसू गैस के गोले और हैंड ग्रेनेड फेंके गए। पानी की बौछारों का भी अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल करीब दो घंटे चली।
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नौ को नोटिस, मांगी चल-अचल संपत्ति की जानकारी 
फरवरी माह में दंगों के लिए नौ लोगों को डीसी की तरफ से नोटिस जारी किए गए हैं। उक्त लोगों से चल-अचल संपत्ति की जानकारी मांगी गई है। उपायुक्त पंकज कुमार ने बताया कि किसी भी व्यक्ति ने सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया तो उसकी भरपाई दोषी की व्यक्तिगत संपत्ति से की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा जल्दी ही क्लेम कमिश्नर की नियुक्ति की जाएगी। गृह सचिव से प्राप्त आदेशों के बारे में उपायुक्त ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2009 में निर्देश दिए थे कि जन आंदोलन के दौरान जान-माल और संपत्ति की भरपाई करने के लिए अपराध करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी व्यवस्था दी थी कि नुकसान की भरपाई के लिए जिम्मेदारी तय करने के लिए हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जा सकती है। 

प्रशासन किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बार जिले में कहीं भी कोई दंगा, फसाद या अपराध की सूचना मिली तो उस पर तुरंत प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।  
पंकज कुमार, डीसी

जवानों के पास लड़ने के लिए आधुनिक हथियार उपलब्ध हैं। जवानों को यह निर्देश हैं कि वे दंगा फसाद करने वाले लोगों के साथ सख्ती से निपटें। साथ ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट को भी हिदायतें दी गई हैं।
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प्रतीक्षा गोदारा, एसपी
 
 
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