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किशोरी ने निगला जहरीला पदार्थ, पीजीआई ले जाने के लिए 20 मिनट तक करते रहे एंबुलेंस का इंतजार

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बस स्टैंड परिसर में शुक्रवार दोपहर बाद एक किशोरी ने संदिग्ध हालत में जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिससे बस स्टैंड पर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसे ऑटो से आपातकालीन विभाग लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रेफर कर दिया। यहां भी परिवार की समस्याएं कम नहीं हुई और एंबुलेंस के लिए करीब 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान किशोरी स्ट्रेचर पर ही तड़पती रही। एंबुलेंस आई तो भी उसमें ईएमटी नहीं था। बिना ईएमटी के ही एंबुलेंस को पीजीआई रोहतक रवाना किया गया। समाचार लिखे जाने तक किशोरी ने जहर क्यों खाया इस बारे पता नहीं चल पाया।
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मामला शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे का है। हांसी क्षेत्र के एक गांव से एक महिला और उसकी करीब 15 वर्षीय बेटी भिवानी बस स्टैंड पर पहुंचे। उन्हें चरखी दादरी क्षेत्र के एक गांव जाना था। महिला का मायका हांसी के एक गांव में है, जबकि उसका ससुराल चरखी दादरी जिले के एक गांव में है। बस स्टैंड परिसर में पहले किशोरी अपनी मां को इधर-उधर घुमाती रही। बाद में संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। उसकी हालत बिगड़ी तो बस स्टैंड परिसर में हड़कंप मच गया। किशोरी को उसकी माता गंभीर हालत में ऑटो से सामान्य अस्पताल के आपातकालीन विभाग लेकर पहुंची। जहां प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया।
परिजन रेफर किए जाने के बाद किशोरी को स्ट्रेचर से ही आपातकालीन विभाग के बाहर लेकर पहुंचे मगर एंबुलेंस नहीं आई। किशोरी को गंभीर हालत में लिए उसकी मां करीब 20 मिनट तक एंबुलेंस का इंतजार करती रही। इस दौरान किशोरी स्ट्रेचर पर तड़पती रही। बाद में एंबुलेंस आई तो उसमें ईएमटी नहीं था। किशोरी की गंभीर हालत को देखते हुए एंबुलेंस को बिना ईएमटी के ही पीजीआई रोहतक भेजा गया।
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वर्जन
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अभी इसका पता करेंगे। अगर कहीं खामी है तो उसे दूर किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि आपातकालीन विभाग से पीजीआई रेफर होने वाले मरीजों को तुरंत एंबुलेंस सुविधा दी जाए।
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- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन
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