भिवानी। भिवानी की स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पिछले साल की तुलना में सुधार हुआ है। भिवानी जिले की राष्ट्रीय स्तर पर पिछले साल रैंकिंग 302 दर्ज की गई थी। इस बार 258वीं रैंक हासिल हुई है।
पिछले साल की तुलना में राष्ट्रीय रैंकिंग में 44 फीसदी सुधार हुआ है। राज्य रैंकिंग में जिला पिछले साल 16वें पायदान पर था, मगर अब आठ अंकों के सुधार के साथ आठवें पायदान पर है। ओवरऑल रैंकिंग में भिवानी जिला स्वच्छता के क्षेत्र में 29वें स्थान पर है।
भिवानी को स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में राष्ट्रीय स्तर पर 302वीं रैंक मिली था जबकि इससे पहले 241वीं रैंक थी। रैंकिंग में सुधार की वजह यह भी मानी जा रही है कि नगर परिषद के घर-घर स्वच्छता अभियान को बल मिला है, कूड़ा उठान को लेकर भी व्यवस्था सुधरी है लेकिन शहर के अंदर ठप सीवर व्यवस्था, दूषित पेयजल आपूर्ति और दूषित पानी की सही तरीके से निकासी नहीं होना स्वच्छता सर्वे में नकारात्मक पहलू भी रहे हैं।
भिवानी करीब पौने चार लाख आबादी वाला शहर है। इसमें नगर परिषद के 31 वार्ड शामिल हैं। नगर परिषद ने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए कुछ नए कदम भी उठाए है। इनमें घर-घर कूड़ा उठान और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट चालू कराना शामिल रहा है। हालांकि शहर में सफाई का टेंडर अभी तक नहीं हुआ है। वहीं सूखा और गीला कचरा भी अलग अलग करना चुनौती बना है।
अब तक स्वच्छता रैंकिंग
साल- रैंकिंग
2017- 345
2018- 238
2019- 232
2020- 166
2021- 244
2022- 241
2023- 302
2024- 258
सफाई का टेंडर और पानी और सीवर सुदृढ़ीकरण के काम बाकी
शहर की स्वच्छता राह में सबसे बड़ा रोड़ा हटना अभी बाकी है। नगर परिषद पूरे शहर में दो साल के लिए सफाई का ठेका नहीं करा पाया है। ये प्रस्ताव मुख्यालय में भेजा जाना है। फिलहाल आधे शहर में ही सफाई का काम हो रहा है। इसी तरह जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के शहरी पेयजल लाइनों के सुदृढ़ीकरण कार्य पर 133 करोड़ और शहरी सीवर व्यवस्था सुधार पर करीब 80 करोड़ का बजट खर्च किया जाना है। इन परियोजनाओं पर काम होने के बाद ही भिवानी शहर बड़े शहरों की स्वच्छता को टक्कर दे पाने में सक्षम हो पाएगा।
नगर पालिकाओं की स्वच्छता में गिरावट
जिले का सिवानी कस्बा (20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहर) की श्रेणी में रखा गया है। सिवानी की हरियाणा में रैंकिंग 67 रही है। पिछले साल सिवानी 17वें स्थान पर था। लोहारू को भी छोटी सिटी की श्रेणी में रखा गया और लोहारू को 32वां स्थान मिला है। पिछले साल शहर ने 24वां स्थान हासिल किया था। बवानीखेड़ा कस्बे को भी बहुत छोटे शहर की श्रेणी में रखा है। बवानीखेड़ा हरियाणा में 46वें स्थान पर रही है। पिछले साल 26वें स्थान पर था। नगर पालिका स्तर पर स्वच्छता रैंकिंग में जिला पिछड़ा है।
-
वर्जन
भिवानी शहरवासियों की स्वच्छता के प्रति बदली सोच और नगर परिषद कर्मचारियों व अधिकारियों की मेहनत से भिवानी जिला पिछले साल के मुकाबले राष्ट्रीय और राज्य स्तर की स्वच्छता रैंकिंग में काफी सुधरा है। नगर परिषद में शहर के चौक-चौराहों व मुख्य मार्गों के सुंदरीकरण के काम चल रहे हैं। सफाई का टेंडर होना अभी बाकी है। शहर में पानी और सीवर की व्यवस्था में सुधार होने के बाद भिवानी जिला बड़े शहरों की टक्कर में टॉप टेन की सूची में शामिल हो जाएगा। इसमें शहर के सभी लोगों का सहयोग भी अपेक्षित रहेगा।
-प्रीति भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन, नगर परिषद भिवानी।