देर रात काठमंडी स्थित टायर, सोलर पैनल व बैटरी के गोदाम में आग लग गई। मोबिल, रबड़ सामान होने से आग तेजी से फैली और देखते ही देखते आग की लपटें दूर तक नजर आने लगी। दमकल विभाग की सात गाड़ियों से आग बुझाने का प्रयास किया गया।
आग काबू नहीं हुई तो दादरी से दो और गाड़ियां मंगवाई गई। नौ गाड़ियों से करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। तब तक गोदाम में रखा सामान जलकर राख हो चुका था। आग से करीब 70 लाख का सामान जल गया। आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
हादसा रात करीब पौने 12 बजे हुआ। काठमंडी में अग्रवाल कंपनी के सोलर पैनल, टायर, बैटरी, मोबिल के गोदाम में अचानक आग लग गई। गोदाम से धुआं निकलने लगा तो पड़ोस के लोगों को पता लगा और इसके संचालक विकास अग्रवाल को सूचित किया गया। सूचना पर दमकल विभाग की गाड़ी भी पहुंची तो गोदाम में धूआं ही धूआं फैला था।
एक के बाद एक दमकल विभाग की सात गाड़ियां पहुंची और आग को काबू पाने का प्रयास किया। मगर आग टायरों, मोबिल आदि में होने से तेज होती गई। सूचना देकर चरखी दादरी से भी दमकल विभाग की दो गाड़ियां मंगवाई गई। आग से गोदाम की दीवारें और भवन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
संचालक विकास अग्रवाल ने बताया कि वे यहां सोलर पैनल, बैटरी, मोबिल, टायर आदि सामान की बिक्री करते है। पीछे गोदाम है और आगे ही काउंटर से सेल की जाती है। रात 12 बजे पड़ोसियों ने उन्हें आग की सूचना दी। आग शॉर्ट सर्किट से लगी है। बिजली निगम के कर्मचारी भी आए थे। आग से करीब 70 लाख का सामान जल गया। गोदाम में करीब 40 टायर, 35 बैटरी, मोबिल डिब्बे, सौलर पैनल थे, जो जल गए।
आसपास के दुकानदारों में भी मचा हड़कंप
बैटरी, टायर का गोदाम काठमंडी में है और गोदाम के पास ही लकड़ियों के गोदाम हैं। जिससे आसपास के गोदामों में आग की आशंका बन गई थी। खासी संख्या में लोग बाहर खड़े थे और आग पर काबू पाने में हर संभव मदद कर रहे थे।