भिवानी। राजकीय प्राथमिक स्कूलों में 28 अक्टूबर को बाल लीला का मंचन किया जाएगा। इसके लिए सभी स्कूलों में 15 दिन पहले से ही बच्चे रामलीला का अभ्यास कर रहे हैं। अभ्यास के दौरान बच्चों को पांच में से एक दृश्यों में से एक को चुनकर उसका मंचन करना होगा।
दरअसल, प्राथमिक कक्षाओं में निपुण हरियाणा मिशन के तहत कार्यक्रमों का आयोजन करवाया जाएगा। इसी के तहत विद्यार्थियों को भाषा के विभिन्न पहलुओं को जानने के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां करवाई जाती है। रामलीला के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने से बढ़े, अन्य बच्चों से बातचीत व स्वयं को रचनात्मक रूप से आत्मविश्वास के साथ साबित कर सके।
रामलीला के लिए बच्चों को पांच दृश्य जैसे सीता स्वयंवर, चित्रकूट भरत-मिलाप, शूर्पणखा दूषण वध, हनुमान-सुग्रीव मित्रता व बाली वध रावण-अंगद के पात्रों में से एक का चयन करके मंचन करना होगा। इनके अलावा शिक्षक यदि चाहे तो कोई अन्य दृश्य भी चुन सकता है। रामलीला में भाग लेने के लिए कक्षा पहली से पांचवीं के बच्चों को अधिक से अधिक प्रेरित किया गया है।
28 अक्टूबर को प्राथमिक स्कूलों में बाल लीला का मंचन किया जाएगा। इसके लिए पहले बच्चे 15 दिनों तक पात्रों का अभ्यास करेंगे। अभ्यास के दौरान बच्चों को पांच में से एक दृश्यों में से एक को चुनकर उसका मंचन करना होगा।
- संतोष नागर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।